हिसार रोड पर स्थित रामायण टोल प्लाजा एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार गांव मय्यड़ के कुछ युवकों द्वारा टोल प्लाजा के कंट्रोल रूप में घुस कर कर्मियों के साथ मारपीट किए जाने व जान से मारने की धमकी देने का मामला प्रकाश में आया है। कंट्रोल रूम में हुई यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। टोल प्लाजा के डीजीएम दीदार सिंह ने इस संबंध में गांव मय्यड़ के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि दीपचंद व उसके साथियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया था। वहीं दीपचंद का कहना है कि टोल प्लाजा के अधिकारियों ने उनके खिलाफ झूठी शिकायत दी है।
पुलिस को दी शिकायत में दीदार सिंह ने आरोप लगाया है कि 28 अक्तूबर को सुबह करीब 8 बजे दीपचंद किसी अन्य व्यक्ति की धान व बाजार की पिसाई करने वाली कंबाइन मशीन लेकर जा रहा था। इस दौरान टोल प्लाजा पर कंबाइन मशीन का टोल टैक्स काटने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। कर्मियों का कहना था कि यह मशीन हांसी की है, ऐसे में इसका टैक्स देना पड़ेगा। इस पर दीपचंद ने फोन पर अपने साथियों को मौके पर बुला लिया और जबरन मशीन को टोल प्लाजा से निकाल लिया। इसके बावजूद दीपचंद ने अपने साथियों के साथ कंट्रोल रूम में घुस कर टोल प्लाजा कर्मियों के साथ मारपीट व सामान की तोड़फोड़ भी की। और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। दीदार सिंह के अनुसार उन्होंने फोन पर इसकी शिकायत पुलिस को दी थी लेकिन त्योहार व मीटिंग की व्यस्तता के चलते उन्होंने लिखित में पुलिस को शिकायत नहीं दी थी। इसके बाद 30 अक्तूबर की रात करीब 10 बजे एक बार फिर दीपचंद अपने साथियों के साथ कंट्रोल रूम में घुस आया और उसने एपीएम विकास व कर्मी सचिन के साथ मारपीट व तोड़फोड़ की और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। कमाल की बात है कि इस घटना के दौरान अन्य कर्मी सहित सुरक्षा कर्मी भी मौजूद थे, जोकि मात्र मूक दर्शक बने रहे।
इस संदर्भ में जांच अधिकारी धर्मपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा कर्मियों की ओर से दीपचंद व उसके साथियों द्वारा कंट्रोल रूम में घुस कर उनके साथ मारपीट किए जाने की शिकायत आई है। मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही केस दर्ज होगा।
यह भी चर्चा
चर्चा है कि 29 अक्तूबर को भी करीब 30-40 युवकों द्वारा टोल प्लाजा पर कर्मियों को बंधक बनाकर करीब 20 मिनट के लिए फ्री कर दिया था। इस दौरान वाहन चालकों को बिना पर्ची कटवाए निकलवा दिया गया। पुलिस को सूचना देने पर पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद युवक मौके से फरार हो गए। हालांकि इस संबंध में पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी गई है।
मेरे खिलाफ झूठी शिकायत दी : दीपचंद
इस संदर्भ में जब दीपचंद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह 28 अक्तूबर को कंबाइन मशीन लेकर नहीं जा रहे थे। टोल प्लाजा के अधिकारियों ने उनके खिलाफ झूठी शिकायत दी है। उन्होंने टोल प्लाजा कर्मियों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि 30 अक्तूबर को जब वह वहां से जा रहे थे तो टोल प्लाजा कर्मियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद जरूरत हुआ था। परंतु मारपीट व जान से मारने की धमकी के आरोप निराधार हैं।