गांव मोडाखेड़ा-घुड़साल रोड स्थित ढाणी में पानी की टंकी में डूबने से एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक व्यक्ति, उसका बेटा और बेटी शामिल हैं। महिला को टंकी से गंभीर अवस्था में बाहर निकाला गया। मौके से पुलिस को नींद की दवाइयों के खाली पैक मिले हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार खेतीबाड़ी करने वाला सुमेर (35) पिछले पांच-छह दिनों से मानसिक तौर पर परेशान चल रहा था। मंगलवार रात करीब दस बजे अपने अपनी पत्नी कौशल्या, बेटी सानिया (14) और अपने बेटे रमन (6) के साथ टीवी देखकर सोए थे।
सोने से पहले सुमेर ने तीनों को कुछ गोलियां खिलाई थीं। सुमेर की पत्नी कौशल्या ने पुलिस को बताया कि बुधवार सुबह जब वह उठी तो उसने देखा कि पलंग खाली है।
टंकी का ढक्कन खुला पड़ा है। उसने टंकी में झांककर देखा तो बच्चों के शव दिखाई दिए। उसने बच्चों को टंकी से बाहर निकालने के लिए पानी में छलांग लगा दी। वह बच्चों को निकाल नहीं सकी। टंकी में लगे पाइप से लटककर खुद की जान बचाई।
मृतक के भाई आत्माराम ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि दोनों बच्चे गांव बांडाहेडी के एक निजी स्कूल में पढ़ते थे। सुबह स्कूल वैन आकर चली गई। बच्चे स्कूल में नहीं गए तो उन्हें कुछ शक हुआ। तब उन्होंने घर जाकर देखा तो भाभी कौशल्या की आवाज सुनी।
उसने सभी को टंकी से बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि उसकी भाभी कौशल्या भी मानसिक रूप से कुछ परेशान चल है, जिसका इलाज चल रहा है। शवों को बाहर निकालने के बाद पुलिस को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को घर से नींद की दवाइयों के खाली पैक मिले हैं, जिसमें सात टैबलेट खाई हुई थी और केवल तीन टैबलेट स्ट्रिप में थी।
घटना की जानकारी के बाद डीएसपी परमजीत समोता ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की। मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी ली। पुलिस ने मृतक के भाई आत्माराम के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए हिसार भिजवा दिए हैं।