हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में सोमवार को हादसा हो गया। एचएयू के रामधन बीज फॉर्म की बिल्डिंग के मुख्य द्वार पर बना छज्जा अचानक गिर गया। इसकी चपेट में आने से वहां काम कर रहे मिस्त्री जगविंद्र की मौत हो गई। जगविंद्र एचएयू में अस्थायी कर्मचारी था।
एचएयू प्रशासन की ओर से जगविंद्र को सोमवार को छज्जे की मरम्मत के लिए भेजा गया था। जब वह छज्जे को मरम्मत करने के लिए प्लस्तर को झाड़ रहा था तो अचानक पूरा छज्जा ही गिर पड़ा। परिजनों ने एचएयू प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जगविंद्र के पिता हेतराम गांव के शिकारपुर के सरपंच भी रह चुके हैं।
निजी अस्पताल में पहुंचे मृतक जगविंद्र के बेटे ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे घटना की सूचना दी गई कि उनके पिता जगविंद्र घायल हो गए हैं। जब अस्पताल पहुंचे तो उन्हें बताया कि उनके पिता की मौत हो चुकी है। परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना देने से मना कर दिया। इसके बाद परिजनों ने डायल 112 पर कॉल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही बरती है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कोई उपकरण उपलब्ध कराए गए। अगर सभी संसाधन व उपकरण दिए गए होते तो हादसे से बचा जा सकता था। मौके पर किसी तरह का चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया था।
जगविंद्र मूल रूप से शिकारपुर का रहने वाला था। करीब सात साल पहले वह एचएयू में अस्थायी कर्मचारी के तौर पर नियुक्त हुआ था। बाद में सरकार ने उसे एचकेआरएन में नियुक्त किया। फिलहाल वह परिवार के साथ चंदननगर में रहता था। जगविंद्र तीन लड़कों का पिता था। उसके पिता हेतराम गांव के सरपंच भी रह चुके हैं। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
एचएयू प्रशासन का कहना कि रामधन सिंह बीज फॉर्म से शिकायत आई थी कि छज्जे कि स्थिति खराब है। इसमें विभाग की ओर से संज्ञान लेते हुए सोमवार को उस छज्जे को तोड़ने के लिए जगविंदर कुमार (मृतक) को भेजा गया। उसी दौरान ये दुखद हादसा हो गया।