अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्का मलिक की अदालत ने नाबालिग लड़की का स्कूल जाते समय पीछा करने, बुरी नीयत से घर में घुसने तथा लड़की व उसकी मां को जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी जितेंद्र उर्फ लाला को तीन साल की सजा सुनाई है।
आरोपी शिव नगर निवासी जितेंद्र को अदालत ने तीन दिन पहले दोषी करार दिया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार शहर थाना पुलिस ने पीड़ित नाबालिग लड़की की शिकायत पर जितेंद्र उर्फ लाला के खिलाफ गत 14 मई 2015 को पोक्सो एक्ट व भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि वह आठवीं कक्षा में पढ़ती है। जब भी घर से स्कूल जाती है तो जितेंद्र उसका पीछा करता था। आरोपी जितेंद्र उससे उसका मोबाइल नंबर मांगता था।
नंबर न देने पर जान से मारने की धमकी देता था। एक दिन बुरी नीयत से वह उनके घर घुस आया। पीड़िता ने बताया कि उसकी मां ने जितेंद्र को डांटा। इस पर वह उसकी मां को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया।
अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को जितेंद्र उर्फ लाला को दोषी करार दिया था। सजा शुक्रवार को सुनाए जाने का फैसला लिया था। अदालत ने शुक्रवार को दोषी जितेंद्र उर्फ लाला को तीन साल की सजा सुनाई है।