अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नाबालिग लड़की के मां बनने के मामले में बुधवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों के नागरिक अस्पताल में डीएनए की जांच के लिए सैंपल लिए। इन सैंपलों को लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा, जिसके जरिये तीनों आरोपियों में से बच्चे के पिता का पता लगाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि तीन फरवरी को 15 वर्षीय किशोरी ने हिसार के अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची और उसकी नाबालिग मां दोनों सुरक्षित हैं। बच्ची अभी पुलिस प्रशासन की निगरानी में है और प्रशासन ही उसकी देखभाल कर रहा है। इस मामले में पीड़िता की मां पहले से जेल में है। किशोरी ने पूछताछ में नवजात बच्चे को अपने पास ही रखने की बात कही थी।
अपनी मां को ठहराया था जिम्मेदार
उल्लेखनीय है कि जिला निवासी 15 वर्षीय नाबालिग ने नवंबर 2018 में महिला पुलिस थाने में दुष्कर्म की शिकायत दी थी। जब उसकी तबीयत खराब हुई तो उसकी जांच के बाद गर्भवती होने का खुलासा हुआ था। खास बात यह थी कि नाबालिग ने दुष्कर्म के लिए अपनी मां को ही जिम्मेदार ठहराया था।