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डॉक्टरी करने में लगी रही पुलिस, नहीं पहुंचाया समय पर अस्पताल

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
फूड हब कैफे में गर्लफ्रेंड के मर्डर मामले में पूजा की शायद जान बच जाती। मौके पर पहुंची पुलिस युवती की डॉक्टरी करने में लगी रही। बार-बार पुलिस कर्मचारी केवल ये देखने में लगे रहे कि युवती जीवित है या मर गई। कोई उसे जिंदा बता रहा था तो कोई उसे मृत बता रहा था। बार-बार इसी तरह के अनुमान लगाए जा रहे थे। कोई उसकी नाड़ी देख रहा था तो कोई यह देख रहा था कि सांस चल रही है या नहीं। काफी देर तक ऐसा होता रहा। एक-दो को छोड़कर बाकी पुलिस कर्मचारी अपने मोबाइल से वीडियो बनाने तो कोई फोटो खींचने में ही लगे रहे।
वीडियो में आया पुलिस की शर्मिंदगी का सच
मौके पर मौजूद युवक पुलिस के पहुंचते ही वीडियो बनाने लगे। उन्होंने पुलिस की इस तरह की वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली। ये वीडियो वारदात के बाद वायरल हो गई। इसके बाद तो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे।
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आखिर क्यों मर गया पुलिस का जमीर
डॉक्टर बनी पुलिस का आखिर जमीर मर गया। पुलिस डॉक्टरी के साथ वीडियो बनाने, फोटो खींचने में लगे रहे। वर्दी पर कहीं खून के दाग न लग जाए, दूर से ही स्पर्श कर जिंदा या मरने की बातें कहीं जा रही थीं। पूरा मामला वीडियो में रिकॉर्ड हो रहा था।
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कैफे में थे दूसरे जोड़े भी, किसी ने नहीं पहुंचाया अस्पताल
कैफे में दूसरे जोड़े भी बैठे थे, लेकिन किसी ने पूजा को अस्पताल नहीं पहुंचाया। युवती के गले से पानी की तरह खून बह रहा था। किसी ने उसकी मदद तक करने की नहीं सोची। केवल युवक से पूछताछ करते रहे कि आखिर इसे मारा क्यों। ये युवती कहां की रहने वाली है। किसी ने उसको प्राथमिक उपचार दिलवाने की नहीं सोची।
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