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पहले से रजिस्टर्ड गाड़ी को धोखाधड़ी करके बेचा, पुलिस ने भी नहीं की शिकायत पर कार्रवाई, अब अदालत में इस्तगासा दायर तो हुई एफआईआर

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। बालसमंद गांव निवासी पिरथी सिंह ने पहले से रजिस्टर्ड गाड़ी को धोखाधड़ी करके उसे बेचने का आरोप रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित इंडसइंड बैंक के मैनेजर सुनील कालड़ा, मानसा रोड बठिंडा में स्थित महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के मालिक व मैनेजर, गोहाना में रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर पर लगाया है। पिरथी सिंह ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत पहले सदर थाने में दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो उसने जेएमआईसी अश्वनी गुप्ता की अदालत में इस्तगासा दायर किया, जिसके बाद अदालत ने पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए। इस पर शहर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत शहर थाने में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में पिरथी सिंह के अनुसार इंडसइंड बैंक के मैनेजर ने उसे बताया कि उनके बैंक ने महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी से लोन संबंधी टाई अप किया हुआ है। उसने उनके कहने पर वर्ष 2012 में महिंद्रा की एलएलएक्स गाड़ी लोन पर ले ली। बैंक मैनेजर ने यह गाड़ी बठिंडा की एजेंसी से दिलवाई। उसने बताया कि एजेंसी के मालिक व मैनेजर द्वारा सौंपे गए कागजात को लेकर जब वह हिसार में गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के लिए गया तो उससे कहा गया कि कागजात पूरे नहीं हैं। कागजात के लिए वह बार-बार एजेंसी में चक्कर काटता रहा, लेकिन उसे कागजात नहीं दिए गए। इसी बीच उसे पता चला कि जो गाड़ी उसे दी गई है, वह तो पहले से ही गोहाना रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी द्वारा किसी सुंदर के नाम से रजिस्टर्ड है। उसने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि जब वह इस बात की पुष्टि के लिए गोहाना गया तो वहां रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी के क्लर्क और कंप्यूटर ऑपरेटर ने कागजात में हेराफेरी करके गाड़ी का इंजन और चेसी नंबर बदल दिया।
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रजिस्ट्रेशन के लगेंगे 1.82 लाख रुपये
पिरथी सिंह ने शिकायत में कहा कि गाड़ी के रजिस्ट्रेशन में इतनी देर हो चुकी है कि यदि अब भी उसका रजिस्ट्रेशन कराया जाए तो जुर्माना सहित उस पर करीब 1 लाख 82 हजार रुपये लगेंगे। उसने कहा कि रजिस्ट्रेशन न होने के कारण वह गाड़ी भी सड़क पर नहीं ला पा रहा है। आरोपियों ने उससे धोखाधड़ी करके रुपये हड़प लिए हैं।
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पहले सदर थाने में दी थी शिकायत
शिकायतकर्ता ने बताया कि 20 दिसंबर 2018 को उसने इस संबंध में सदर थाना और बालसमंद पुलिस चौकी में शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने जेएमआईसी अश्वनी गुप्ता की अदालत में इस्तगासा दायर किया। अदालत के आदेश पर शहर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। जांचकर्ता एएसआई नसीब खान के अनुसार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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