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दोस्त को थी पैसों की जरूरत तो मालकिन की सेलरी पर टिकी निगाहें

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। शिक्षिका ऊषा की मौजूदगी में गाड़ी से पर्स चोरी कर फरार होने के मामले में पुलिस ने उनके ही ड्राइवर मनीष को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि उसके दोस्त अनिल को पैसों की जरूरत थी, जिस कारण उन्होंने यह षड़यंत्र रचा।
पुलिस के अनुसार महावीर कॉलोनी निवासी मनीष पिछले डेढ़ साल से शिक्षिका ऊषा के यहां ड्राइवर की नौकरी करता था। उसने पुलिस पूछताछ के दौरान बताया कि उसके दोस्त अनिल को पैसों की सख्त आवश्यकता थी, लेकिन कहीं से भी इंतजाम नहीं हो रहा था। फिर उनकी निगाहें मनीष की मालकिन ऊषा को मिलने वाली सेलरी पर टिक गईं। उन्होंने सोचा कि मैडम को मोटी तनख्वाह मिलती है, उसे ही हड़पा जाए। इसके लिए उन्होंने योजना तैयार की ताकि किसी को शक भी न हो। मनीष मैडम को मिलने वाली सेलरी को निकलाने की इंतजार में था। जब ऊषा मैडम बैंक से पैसे निकलवा रही थीं तो उसने अपने दोस्त को फोन पर इसकी जानकारी देकर
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योजना को क्रियान्वित करने को कहा। मनीष को पता था कि मैडम उसे धोबी से कपड़े उठाने को बोलेगी, इसी बीच अनिल गाड़ी से पर्स उठाकर चला जाएगा, इसलिए अनिल वहां पहले से मौजूद था। उन्होंने पूरी योजना को अंजाम तो दे दिया, लेकिन पुलिस के सवालों के घेरे में आया मनीष ज्यादा देर तक सच्चाई छिपा नहीं पाया और पूरी घटना तोते की तरह पुलिस के सामने बयां कर दी। पुलिस ने उसे एक दिन के रिमांड पर लिया है, जिस दौरान वह अनिल के बारे में सुराग लगाएगी।
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अर्बन एस्टेट थाना पुलिस को दी शिकायत में रेंटल कॉलोनी निवासी शिक्षिका ऊषा अत्री ने बताया कि मंगलवार को वह बैंक से करीब 30 हजार रुपये निकलवा कर घर की तरफ जा रही थी। जब वह लजीज वाटिका के समीप पहुंची तो उसने कार रुकवा कर चालक मनीष को धोबी से कपड़े उठाकर लाने को कहा। मनीष कपड़े उठाने चला गया तो कुछ ही देर में एक व्यक्ति आया और उसने गाड़ी की खिड़की खोलकर उसके साथ रखे पर्स को उठाकर फरार हो गया। पीड़ित ने शोर मचाया तो आसपास के लोग इकट्ठा हो गए, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। महिला ने कंट्रोल रूम में फोन करके घटना की सूचना दी। उन्होंने बताया कि पर्स में 30 हजार रुपये, ज्वेलरी, आधार कार्ड, अन्य जरूरी दस्तावेज, बैंक चेकबुक आदि थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी। अर्बन एस्टेट चौकी प्रभारी एसआई अजय कुमार ने प्रारंभिक जांच में पाया कि शिकायतकर्ता की नजर कमजोर है। ड्राइवर मनीष से पूछताछ की गई तो शक की सुई बार-बार मनीष के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। थोड़ी सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया कि उसने अपने साथी अनिल के साथ मिलकर यह योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपी मनीष को बुधवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया।
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