हिसार। लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाकर एमजोन ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फरार हो गई है। खास बात यह है कि मात्र चार माह में ही कंपनी ने हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी व राजस्थान के लोगों को झांसे में फंसाया और करोड़ों रुपये इकट्ठा करके कंपनी बंद कर दी। इससे कंपनी के निवेशकों में हलचल मची और मंगलवार को निवेशक आईजी अमिताभ ढिल्लो से उनके कार्यालय में मिलने पहुंचे।
आईजी को दी शिकायत में निवेशकों ने बताया कि पातन गांव निवासी सोमबीर कंपनी को चलाता था और भिवानी के हनुमान गेट निवासी रवि और सीसवाल निवासी भूपसिंह उसके पार्टनर थे। भूपसिंह फिलहाल आजाद नगर में रह रहा है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि ढाणी गारण निवासी सुरेंद्र कुमार उनके पास आया और कंपनी का प्लान बताते हुए लालच देकर झांसे मे ले लिया। उसने बताया कि कंपनी में एक लाख रुपये लगाने पर कंपनी 15 दिन में प्रोडक्ट उपलब्ध कराएगी। इसके बाद 21 सप्ताह तक आपके खाते में 21250 रुपये आएंगे। नेटवर्क ग्रोथ ज्यादा होने पर विदेश के टूर भी मिलेंगे। लोग उसके झांसे में आते गए और पैसे लगाते गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अब कंपनी के सीएमडी, एमडी व पार्टनर सभी फरार हैं और फोन भी बंद आ रहे हैं। आईजी ने उन्हें जांच कर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और शिकायत पर आजाद नगर थाना पुलिस को जांच के आदेश दिए।
किसके कितने रुपये फंसे
नाम - गांव - रुपये
रामफल - हिसार - 1 लाख
सुरजीत - फतेहाबाद - 1 लाख
प्रीतपाल - फतेहाबाद - 1 लाख 50 हजार
हरभजन - फतेहाबाद - 1 लाख
फकीर चंद - सिरसा - 2 लाख
बलराज सिंह - हिसार - 1 लाख
जीवन राम - हिसार - 1 लाख 9 हजार
पालाराम - हिसार - 20 हजार
ईश्वर सिंह - हिसार - 1 लाख
सुमन - हिसार - 1 लाख
रामफल - भिवानी - 40 हजार
बलवंत - हिसार - 1 लाख
राजबाला - हिसार - 1 लाख
रामनिवास - हिसार - 50 हजार
शीशपाल - हिसार - 1 लाख 30 हजार
सुमन - हिसार - 1 लाख
रामदिया - हिसार - 20 हजार
सुनीता - झुंझुनू, राजस्थान - 1 लाख 66 हजार 900
दलबीर सिंह - हिसार - 4 लाख 29 हजार
जनवरी में शुरू अप्रैल में बंद
कंपनी में निवेश करने वाले फतेहाबाद निवासी सुरजीत सिंह ने कहा कि कंपनी जनवरी में शुरू हुई थी और अप्रैल में कंपनी का कार्यालय बंद हो गया। कंपनी ने अपने कागजों में एड्रेस पुष्पा कॉम्प्लेक्स में शॉप नंबर डीएलजी/14 दिखाया हुआ था, जबकि आजाद नगर में ऑफिस बनाया हुआ था, जहां निवेशक उसके कार्यालय में जाते थे। सुरजीत सिंह ने कहा कि चार माह के दौरान कंपनी ने लोगों से पैसे इकट्ठे किए और इस दौरान न तो किसी को कोई प्रोडक्ट उपलब्ध कराया गया और न किसी के खाते में कोई पैसे डलवाए।
सोमबीर पातन ने कंपनी बनाई थी। मेरे से सुरेंद्र मिला और कहा कि भूप उसका मामा है और कंपनी में पार्टनर है, कंपनी बंद होगी तो दो माह पहले बता देगा। मैंने फ्यूचर मेकर में पैसे लगाए थे सुरेंद्र ने कहा कि फ्यूचर मेकर के पैसे पूरे करवा दूंगा। उसके झांसे में आकर पैसे लगा दिए और रिश्तेदारों के भी लगवा दिए। चार माह तक कंपनी ने पैसे इकट्ठे किए और बंद कर फरार हो गए। अकेले बरवाला से करीब 97 लाख रुपये लोगों ने इस कंपनी में लगाए हुए हैं।
रामफल जेवरा, निवेशक।