फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाबालिग मां बनेगी या गर्भपात होगा, पीजीआई लेगा फैसला

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हांसी (हिसार)।
उपमंडल के एक गांव में चाचा की हवस का शिकार हुई नौवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के गर्भपात को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। जल्द ही इस पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। नाबालिग छात्रा को अब करीब 28 सप्ताह की गर्भवती बताया जा रहा है। कोर्ट में पेश की गई अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार नाबालिग का गर्भपात करवाना रिस्की हो सकता है। ऐसे में पीड़ित पक्ष की तरफ से इस मामले में अदालत से हॉयर अथॉरिटी ऑफ मेडिकल (पीजीआई) रोहतक से जांच करवाने की मांग की गई है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र राजपाल ने हांसी कोर्ट में एप्लीकेशन लगाई है, जिस पर कोर्ट वीरवार को अपना फैसला सुनाएगी।
उपमंडल के एक गांव में नाबालिग छात्रा के माता-पिता की मौत के बाद उसका चाचा ही उसके साथ जबरदस्ती करता रहा। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब नाबालिग सात माह की गर्भवती हुई। नाबालिग का चाचा उसे गर्भपात करवाने के लिए एक अस्पताल ले गया, जहां चिकित्सक ने ऐसा करने से मना कर दिया। उधर, सूत्रों से मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। चूंकि अब नाबालिग 28 सप्ताह से अधिक की गर्भवती हो गई है। ऐसे में उसका गर्भपात करवाना रिस्की हो सकता है। ऐसी स्थिति में कोर्ट अपना फैसला देती है। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम के बोर्ड ने भी अपनी रिपोर्ट में गर्भपात को रिस्की बताया है। बोर्ड ने रिपोर्ट में कहा था कि नाबालिग की जांच हॉयर अथॉरिटी ऑफ मेडिकल से करवाई जाए। अब पीड़ित पक्ष द्वारा अदालत से नाबालिग की जांच हॉयर अथॉरिटी ऑफ मेडिकल (पीजीआई) रोहतक से करवाने के लिए हांसी कोर्ट में एप्लीकेशन लगाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीजीआई रोहतक से नाबालिग छात्रा की जांच करवाने के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन दी है। वीरवार को कोर्ट इस पर अपना फैसला सुनाएगी। जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी।
-सुरेंद्र राजपाल, वरिष्ठ अधिवक्ता, हांसी

28 सप्ताह से अधिक की गर्भवती है नाबालिग छात्रा
चाचा ने नाबालिग भतीजी को बनाया था हवस का शिकार, पीड़ित पक्ष ने लगाई एप्लीकेशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें