एमसी कॉलोनी के मकान नंबर 126 में रविवार को सीबीआई ने की दस घंटे पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए चीफ इंजीनियर आरके गर्ग का हिसार की एमसी कॉलोनी में जो मकान बताया गया है, उसमें रहने वाले परिवार ने गर्ग के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की है। परिवार का कहना है कि वह 30 साल से यहां रह रहे हैं और वह किसी भी आरके गर्ग को नहीं जानते। हालांकि रविवार को सीबीआई की विशेष टीम भी इसी मकान में पूछताछ के लिए पहुंची। परिवार के सदस्यों से सीबीआई टीम ने करीब दस घंटे तक पूछताछ की। सीबीआई टीम के सामने भी परिवार के सदस्यों ने चीफ इंजीनियर आरके गर्ग के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। वहीं इस क्षेत्र के लोगों के मुताबिक यह मकान चीफ इंजीनियर आरके गर्ग के परिवार का ही है।
मकान मालिक बोला, मैं तो सर्विस स्टेशन चलाता हूं
एमसी कॉलोनी के मकान नंबर 126 में रहने वाले राजेश कुमार गर्ग ने बताया कि वह विकास नगर में सर्विस स्टेशन चलाते हैं। उनके पिता रिटायर्ड एक्सईएन थे। उन्होंने ही 30 साल पहले उन्हें यह मकान खरीदकर दिया था। जब परिवार के सदस्यों से अमर उजाला टीम ने चीफ इंजीनियर आरके गर्ग के बारे में पूछा तो उन्होंने उनको जानने के संबंध में स्पष्ट इनकार कर दिया। राजेश कुमार गर्ग ने भी कहा कि वह किसी चीफ इंजीनियर आरके गर्ग को नहीं जानते हैं और न ही उनसे कोई संबंध है। राजेश ने बताया कि सीबीआई की टीम भी रविवार को उनसे दस घंटे तक पूछताछ करके गई है।
10 दिन पहले भी आई थी पुलिस
एमसी कॉलोनी के सूत्रों की मानें तो मकान नंबर 126 के बारे में पूछते हुए दस दिन पहले भी पुलिस टीम पहुंची थी। उस टीम में नौजवान अफसर शामिल थे। उन्होंने भी इस बारे में यहां पूछताछ की थी।
पार्षद प्रतिनिधि के पास 15 दिन पहले आया था चीफ इंजीनियर का फोन
एमसी कॉलोनी नगर निगम के वार्ड नंबर 13 का हिस्सा है। वार्ड नंबर 13 से निवर्तमान पार्षद उदयवीर सिंह मिंटू का कहना है कि उनके पास 15 दिन पहले चीफ इंजीनियर आरके गर्ग का फोन आया था। उन्होंने कहा था कि उनके घर के आगे की सड़क के हालात ठीक नहीं है, इसलिए सड़क नई बनवा दो। उदयवीर ने बताया कि इससे पहले भी कुछ पुलिसकर्मी मकान नंबर 126 का पता पूछते हुए आए थे। इससे अधिक जानकारी उनके पास नहीं है।