सामान्य अस्पताल में एक महिला ने अस्पताल स्टाफ पर उसके नवजात शिशु को बदलने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि उसे लड़का पैदा हुआ था, लेकिन जन्म के तीन घंटे बाद उसे लड़की सौंपी जा रही है। इस बात को लेकर महिला के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। डॉक्टरों ने इस मामले को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है। उक्त महिला ने लड़की को ही जन्म दिया था, जो उसे सौंप दी गई है।
शुक्रवार को बंगाल निवासी जरीफ खान की पत्नी खालेदा को प्रसव पीड़ा के चलते वीरवार को सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। महिला का कहना है कि उसने दोपहर को लड़के को जन्म दिया था, लेकिन कुछ समय बाद जब उसे बच्चा सौंपा गया तो वह लड़की थी। इसके बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। मामला शुक्रवार सायं से लेकर शनिवार दोपहर तक गरमाया रहा।
जिस वजह से अस्पताल में अन्य मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। हंगामा बढ़ता देख डॉक्टरों पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पुलिस ने शनिवार को मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों से पूछताछ के बाद अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किये। पुलिस जांच के बाद ही मामला शांत हुआ। इसके बाद उक्त महिला ने लड़की को ही अपनी संतान मानने पर सहमति जताई। बंगाल निवासी खालेदा अपने पति व अन्य परिजनों सहित जीआर भट्ठा गांव गिजाड़ौद में लेबर का काम करते हैं। वे करीब 8 साल से यहीं पर रह रहे हैं।
इस बारे में मेरे पास भी सूचना पहुंची थी, महिला को गलतफहमी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज की जांच करवाने पर महिला ने सहमती जताई और नवजात लड़की को ही अपनी संतान माना।
डॉक्टर मुरारीलाल, एसएमओ।