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Hisar News: नहर में जहर घोलने वालों पर शिकंजे की तैयारी, पाइप प्वाइंट की होगी वीडियोग्राफी

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बालसमंद ब्रांच 
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हिसार। बालसमंद ब्रांच में जहरीला और दूषित पानी डालने के मामले में जिम्मेदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। सिंचाई विभाग के अधिकारी हांसी से हिसार तक नहर का निरीक्षण करेंगे। नहर में पानी डालने के लिए लगाए गए सभी पाइपों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और अवैध रूप से लगाए गए पाइप हटाए जाएंगे।
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सिंचाई विभाग की ओर से लगाए गए पाइपों से भी जिला प्रशासन की अनुमति के बिना पानी नहीं डाला जा सकेगा। शिकायतकर्ता ने अपने स्तर पर भी पानी के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

पिछले महीने हिसार कैंट के पास बालसमंद ब्रांच में सीवरेज का पानी डालने का मामला सामने आया था। सामाजिक कार्यकर्ता संजीव भोजराज ने रात के समय पानी डालने का वीडियो बनाया था। उन्होंने मौके से पानी के सैंपल लेकर डीसी और एसपी को शिकायत सौंपी थी। शिकायत में नहर में जहरीला पानी डालकर लोगों की जान से खिलवाड़ किए जाने पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
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डीसी महेंद्र पाल ने मामले की जांच के आदेश देते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से नहर में पानी डालने के लिए बनाए गए सभी वैध और अवैध पाइप प्वाइंट का ब्योरा मांगा है। अवैध प्वाइंट तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। वैध पाइपों के संबंध में भी पूरी रिपोर्ट देनी होगी।

इसमें बताना होगा कि इनके माध्यम से नहर में कब और किस तरह का पानी डाला जा रहा है। सीवरेज के पानी को ड्रेनेज में डालने की योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके लिए किसी नए प्रोजेक्ट की जरूरत होने पर उसका प्रस्ताव भी मांगा गया है।

सदर थाने के एचएचओ विरेंद्र सिंह ने कहा कि इस मामले में जांच चल रही है। पानी डालने वाले ऑपरेटर के बयान लिए गए हैं। जूनियर इंजीनियर और उपमंडल अधिकारी के बयान भी लिए जाने हैं। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।



मैंने इस मामले में डीसी और एसपी को शिकायत दी थी। थाने में जांच के दौरान अपने बयान भी दर्ज कराए हैं। पुलिस की जांच जारी है। इस मामले को उच्च स्तर पर भी उठाया जाएगा। मैंने अपने स्तर पर पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। मुख्यमंत्री को भी ईमेल के माध्यम से रिमाइंडर भेजकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

- संजीव भोजराज, सामाजिक कार्यकर्ता।



सिंचाई विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और काडा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में पेयजल आपूर्ति की नियमित जांच कर रिपोर्ट कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को सभी नहरों का स्थल निरीक्षण करने के लिए भी कहा गया है। नहरों में दूषित या गंदा पानी डालने की घटनाओं पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पेयजल की गुणवत्ता खराब मिलने पर उसके कारणों की तुरंत जांच कर समस्या दूर कराई जाएगी। नहर में गंदा पानी डालने के जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई होगी।



- महेंद्र पाल, डीसी, हिसार।

पिछले साल कराई थी जांच, मिले थे जहरीले तत्व

जुलाई से अक्तूबर 2025 तक बाढ़ जैसे हालात बनने के दौरान नहर में लंबे समय तक बारिश का पानी डाला गया था। उस समय भी कुछ लोगों ने इस संबंध में शिकायत की थी। इसके बाद पानी के सैंपल की जांच कराई गई तो उनमें फीकल कोलीफॉर्म पाया गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने इस संबंध में जांच रिपोर्ट भेजी थी। पानी में आर्सेनिक की मौजूदगी भी मिली थी।
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