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साइबर ठगों पर शिकंजा: 283 आरोपी गिरफ्तार, 1.02 करोड़ रुपये पीड़ितों को लौटाए

Fri, 02 Jan 2026 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हिसार। साइबर अपराध पर नकेल कसते हुए पुलिस की साइबर टीम ने वर्ष 2025 में बड़ी कार्रवाई की है। ऑनलाइन ठगी के मामलों में त्वरित कदम उठाते हुए पुलिस ने 3 करोड़ 28 लाख रुपये समय रहते संबंधित खातों में ब्लॉक कराए, जबकि 1 करोड़ 2 लाख 85 हजार रुपये पीड़ितों के बैंक खातों में सफलतापूर्वक वापस कराए गए हैं।
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पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने बताया कि वर्ष 2025 में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर 164 प्राथमिकी दर्ज की गईं। इनमें से पुलिस ने 91 मामलों का खुलासा करते हुए 283 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 119 आरोपी बाहरी राज्यों से हैं।

उन्होंने बताया कि साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने जिलेभर में 63 साइबर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए। एसपी ने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों की जिज्ञासा, लालच, भय और तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में नागरिकों का सतर्क और जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
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साइबर अपराधियों के मुख्य तरीके

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर ठग कई तरीकों से लोगों को जाल में फंसाते हैं। इनमें शेयर बाजार और ट्रेडिंग स्कैम, टास्क पूरा कर पैसे कमाने का झांसा, फर्जी ऐप (एपीके फाइल) डाउनलोड कराना, फ्री गिफ्ट, लॉटरी और कूपन का लालच, बीमा पॉलिसी से जुड़े झूठे ऑफर, लोन और क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का झांसा, केवाईसी अपडेट या बैंकिंग कार्य के नाम पर ठगी, फर्जी डीलरशिप या नौकरी का ऑफर, व्हाट्सएप लिंक या वीडियो कॉल के जरिए धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए और खतरनाक तरीके शामिल हैं।
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सावधानी ही बचाव है

मोबाइल में ऑटोमैटिक डाउनलोड बंद रखें।

किसी अंजान लिंक, फाइल, व्हाट्सएप कॉल या वीडियो कॉल को स्वीकार न करें।

केवाईसी, बैंकिंग, लोन, बीमा या डिजिटल अरेस्ट से जुड़े फर्जी कॉल पर भरोसा न करें।

लालच, रिवार्ड, बोनस या त्वरित पैसा कमाने के झांसे से बचें।

किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
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