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बुजुर्ग महिला को गाय ने मारी टक्कर, सिर में आई गंभीर चोट, ऑपरेशन भी किया, नहीं बच सकी जान

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निर्मला देवी की फाइल फोटो। - फोटो : Hisar
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हिसार। शहर के वार्ड-6 में गाय की टक्कर से 62 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इस हादसे में महिला के सिर में गंभीर चोट आईं, परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया, लेकिन जान बच नहीं सकी। हादसा रविवार शाम करीब छह बजे पार्षद डॉ. उमेद खन्ना के घर के पास हुआ। उधर, हादसे के बाद भी निगम कर्मचारियों ने उक्त गाय को पकड़ने की जहमत नहीं उठाई और गाय खुली घूम रही है। नगर निगम एरिया में इस साल बेसहारा पशुओं के कारण यह दूसरा जानलेवा हादसा हुआ है। इससे पहले 6 जनवरी को आजाद नगर में गाय से टकराकर बाइक सवार होमगार्ड के जवान धर्मबीर सिंह की मौत हो गई थी।
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सत्संग कार्यक्रम के लिए निकली थी घर से
वार्ड 6 टिब्बा दानाशेर की गली नंबर 11 निवासी पूर्ण बंसल ने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाली 62 वर्षीय निर्मला देवी रविवार शाम करीब 6 बजे गली नंबर 6 से गली नंबर 11 की तरफ आ रही थी। गली नंबर 11 में उनका मकान है। वह किसी सत्संग कार्यक्रम के लिए गई थी। गली नंबर 11 के पास बने चौक पर अचानक पीछे से एक गाय ने उन्हें टक्कर मार दी। गाय की टक्कर लगने से वह सीधे सड़क पर गिरी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। सूचना पाकर उनके परिजन उन्हें दो निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें एडमिट करने से मना कर दिया। इसके बाद तीसरे निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें रात करीब 12 बजे उनका ऑपरेशन किया गया। बावजूद इसके ब्लीडिंग जारी रही। सोमवार तड़के करीब 3 बजे निर्मला देवी ने अंतिम सांस ली। निर्मला देवी के पति बजरंग लाल की राजगुरु मार्केट में टेलरिंग की दुकान है। निर्मला देवी के तीन बेटे व दो बेटियां हैं।
वहीं, इस हादसे के बाद निगम प्रशासन ने उक्त गाय को पकड़ना भी उचित नहीं समझा। उक्त गाय अभी भी खुले में घूम रही है। इस कारण से अन्य लोग भी इस गाय का शिकार बन सकते हैं। वहीं नगर निगम अधिकारियों की मानें तो फिलहाल उनके पास गाय पकड़ने के लिए गाड़ी नहीं है, जिस कारण से वह इस गाय को पकड़ नहीं सके।
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पहले भी हो चुके जानलेवा हादसे
- नवंबर 2016 में हिसार-तोशाम रोड पर पशु सामने आने के कारण असंतुलित गाड़ी से टकरा गई थी। इसमें दो युवकों की मौत हो गई थी।
- अगस्त 2015 में सौगात मोबाइल गैलरी संचालक अमित कुमार अपने पिता के साथ स्कूटी पर आ रहे थे। अचानक उनकी स्कूटी के सामने बेसहारा पशु आया। जिसके कारण स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में अमित के पिता की मौत हो गई।
- वर्ष 2018 में लाजपत नगर में करीब 90 वर्षीय बुजुर्ग सोमनाथ घर से दुकान पर सामान लेने जा रहे थे। घर से करीब 10 कदम दूर ही गए थे कि सड़क पर गाय ने बुजुर्ग को सींग पर उठाकर फेंक दिया। इस घटना से बुजुर्ग की मौत हो गई थी।
- सितंबर 2020 में रायपुर चौक पर कुक विष्णु की बाइक को बेसहारा गाय ने टक्कर मारी, मौत
- 8 दिसंबर 2020 को गाय की वजह से सिरसा रोड पर हुए हादसे में सातरोड़ निवासी युवक की मौत हो गई थी।
- 30 अगस्त 2021 को जवाहर निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग को गाय ने उठाकर पटका, मौत।
- 5 नवंबर 2021 को कैमरी रोड पर गाय की टक्कर से कैमरी निवासी 25 वर्षीय नरेश की मौत
- 6 जनवरी 2022 को आजाद नगर निवासी होमगार्ड धर्मबीर सिंह की बाइक गाय से टकराई, उपचार के दौरान होमगार्ड के जवान की मौत
- 16 मई 2022 को बालसमंद रोड पर बाइक के सामने गाय के आने से खरकड़ा निवासी पवन की मौत हो गई थी।
इन हादसों में लोग हुए घायल
- सितंबर 2017 में महावीर कॉलोनी स्थित चंदूलाल गार्डन क्षेत्र में ट्यूशन से घर लौट रही 7 वर्षीय मुस्कान को एक गाय ने मुंह में पकड़ा और करीब 400 मीटर तक घसीटा था।
- 15 जुलाई 2019 की सुबह 10 बज सब्जी मंडी एरिया में एक गाय ने बुजुर्ग वेदप्रकाश को उठाकर पटक दिया था।
- फरवरी 2018 में पोते को स्कूल में लंच-बॉक्स देने जा रही न्यू महाबीर कॉलोनी निवासी 58 वर्षीय पुष्पा देवी को एक गाय ने टक्कर मारकर घायल कर दिया। महिला गंभीर घायल हो गई थी।
- अगस्त 2021 को पशु पकडने वाली निगम टीम कर्मी खेम सिंह को गाय करीब 10 मीटर तक सींग पर उठाकर ले गई और दीवार में दे मारा। इसमें कर्मचारी को काफी चोटें आईं।
- 26 अगस्त 2021 को न्यू ऋषि नगर निवासी कमलेश को गाय ने टक्कर मारी। उसका हाथ टूट गया और पसलियों में गंभीर चोटें आईं।
- 31 अगस्त 2021 को इंद्रा कॉलोनी में भाजपा नेता की भतीजी एवं जीजेयू की छात्रा संजोलिका को गाय ने रौंदकर घायल किया।
- 10 मार्च 2022 को शहर के योग नगर में गाय ने 69 वर्षीय राजकुमार को पटककर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
- 19 मार्च 2022 को 12 क्वार्टर एरिया निवासी प्रशांत को गाय ने रौंदकर कर घायल कर दिया था।
पूरे शहर में बेसहारा पशुओं की समस्या गंभीर है। मेरे वार्ड में काफी पशु डेयरी हैं, जिनके संचालक अपने पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। मैं कई बार हाउस की बैठक में बेसहारा पशुओं को पकड़ने व पशु डेयरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर चुका है। मगर इस समस्या के समाधान को लेकर निगम प्रशासन जरा सा भी गंभीर नहीं है। - डॉ. उमेद खन्ना, पार्षद, वार्ड 6
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