हिसार। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण के प्रकोप को रोकने के लिए 1000 रैपिड एंटीजन किट और 5 रिवर्स-ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमर्स चेन रिएक्शन टेस्ट (आरटीपीसीआर) किट का ऑर्डर दिया है। एक आरटीपीसीआर किट में 90 सैंपल एक साथ जांचे जा सकते हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग ने पीपीई किट, ग्लव्ज और सैनिटाइजर की भी मांग वेयर हाउस भेजी है।
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक के निर्देशों के तहत प्रोटोकॉल को लागू किया है। सीएमओ डॉ. सपना गहलावत ने बुधवार को चिकित्सकों के साथ ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया और मौके पर प्लांट को चालू करने के निर्देश दिए।
कोविड नोडल ऑफिसर डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि जिले के सभी अस्पतालों और सीएचसी में फ्लू कॉर्नर स्थापित कर दिए गए हैं और सभी को 10-10 बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिक अस्पताल में एक अलग वार्ड आरक्षित किया गया है। जल्द ही नागरिक अस्पताल में टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी, तब तक सैंपल अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए भेजे जाएंगे। हालांकि जिले में अभी तक कोई केस नहीं मिला है।
डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि नागरिक अस्पताल परिसर में 200 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित है, जिससे अस्पताल के कोरोना वार्ड, आईसीयू, एनआईसीयू और अन्य वार्डों में सीधी ऑक्सीजन आपूर्ति की जा सकती है। इसके अलावा, इस प्लांट से सिलिंडर भरे जा सकते हैं, जिन्हें दूसरे सीएचसी और अस्पतालों में भेजा जा सकता है।
ये लक्षण तो टेस्ट कराएं
डॉ. सुभष खतरेजा ने कहा कि अधिक तेज खांसी होना, जुकाम होना, गले में दर्द होना , गला खराब होना तथा बुखार के लक्षण हों तो चिकित्सक से संपर्क करें। बार बार बुखार, खांसी ,गला खराब होना कोरोना के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे मरीजों को भीड़ में जाने से बचना चाहिए। मास्क का उपयोग करें।
कोविड के नए वेरिएंट की दस्तक के चलते सतर्कता बरती जा रही है। आशंकित मरीजों के सैंपल लेने के आदेश दिए गए हैं। ऑक्सीजन प्लांट को चालू रखने को कहा है। चिकित्सकों को ट्रेनिंग कराई गई है। निजी अस्पतालों को भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। - डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन, हिसार