नगर पालिका चेयरपर्सन के कार्यालय में उनके ससुर की फोटो लगाए जाने को लेकर चल रहा विवाद वीरवार को भी जारी रहा। सचिव सुनील कौशिक और पार्षदों के बीच सुबह हुई बैठक में तीखी नोकझोंक हुई।
पार्षदों ने दो-टूक कहा कि जब चेयरपर्सन ने अपने ससुर की फोटो लगाई तब कौन सा नियम लागू था और किस अनुमति के आधार पर फोटो लगाई गई? काफी तनातनी के बाद सचिव ने एक दिन की मोहलत लेते हुए नियम देखने और शुक्रवार सुबह तक स्पष्ट निर्णय देने का आश्वासन दिया। इसी भरोसे पर पार्षदों ने सहमति जताई लेकिन यह भी कहा कि अगर हमारे पूर्वजों की फोटो लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी तो चेयरपर्सन के ससुर की फोटो भी कार्यालय में नहीं लगाई जा सकती।
सुबह की बैठक में पहले टकराव बाद में सहमति
सुबह 11 बजे वार्ड 7, 8, 9, 10, 11, 12 और 14 के पार्षद अपने-अपने पूर्वजों की तस्वीरें लेकर सचिव से मिले। सचिव ने कहा कि निजी फोटो लगाने या हटाने के संबंध में वह नियमावली देखने के बाद ही निर्णय देंगे और उन्हें एक दिन का समय चाहिए। पार्षदों ने जवाब में पूछा कि चेयरपर्सन ने जिस दिन अपने ससुर की फोटो लगवाई उस दिन कौन सा नियम देखा गया था? बिना अनुमति फोटो कैसे लग सकती है? जब संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो पार्षद सीधे चेयरपर्सन कार्यालय जा पहुंचे और तस्वीरें लगाने की तैयारी कर दी। बढ़ते विवाद को देखते हुए सचिव ने शुक्रवार तक निर्णय देने का वादा किया। इसके बाद मामला अस्थायी रूप से शांत हुआ।
नगर पालिका कार्यालय निजी संपत्ति नहीं
वार्ड संख्या 9 से पार्षद दीपचंद शर्मा, वार्ड 7 से पार्षद प्रतिनिधि संजय कौशिक, वार्ड 8 से पार्षद आनंद जांगड़ा, वार्ड 10 से पार्षद भीम शर्मा, वार्ड 11 पार्षद पुरुषोत्तम , वार्ड 12 के पार्षद प्रतिनिधि अनिल वर्मा और वार्ड 14 के पार्षद नरेंद्र ख्यालिया ने कहा कि नगर पालिका कार्यालय जनता का है। किसी परिवार की निजी संपत्ति नहीं। हम बराबरी चाहते हैं दफ्तर निजी पहचान का मंच बनेगा तो सभी को समान अधिकार मिलेगा।
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पार्षदों और चेयरपर्सन के बीच उत्पन्न विवाद को शांतिपूर्वक सुलझाने के लिए एक दिन का समय मांगा है। उच्च अधिकारियों तथा चेयरपर्सन से सलाह कर शुक्रवार सुबह तक अंतिम निर्णय पार्षदों को बता दिया जाएगा। सुनील कौशिक, सचिव, नगर पालिका