शहर के वार्ड-6 के पार्षद उमेद खन्ना का एक ठेकेदार से बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कमीशन का जिक्र है। वीडियो में पार्षद ठेकेदार से कह रहे हैं कि मेरा जो इनसेंटिव बनता है वह दे दो। हालांकि पार्षद ने ठेकेदार से कमीशन मांगने की बात से स्पष्ट इन्कार किया है और इसे राजनीतिक स्टंट बताया है।
2:02 मिनट का है वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो 2:02 मिनट का है। इसमें ठेकेदार व पार्षद आमने-सामने बैठे नजर हैं। वीडियो में बीच-बीच में पार्षद उमेद खन्ना का चेहरा नजर आ रहा है। हालांकि ठेकेदार की सिर्फ आवाज ही सुनाई दे रही है। बता दें कि पार्षद उमेद खन्ना ने वर्ष 2018 में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ा था और बाद में भाजपा को अपना समर्थन दे दिया था।
पार्षद व ठेकेदार की बातचीत के अंश
ठेकेदार : न्यू बताओ, मन्नै आपके वार्ड में काम कर दिया तो गलत कर दिया क्या।
पार्षद : आपने यहां-यहां नहीं, शहर में किया है और आप पेमेंट भी ले लोगे।
ठेकेदार : काम करने की पेमेंट तो लूंगा।
पार्षद : मैं कब कह रहा हूं। मन्नै तो आपने जो कर रखा है और जो आप पहले करवाकर ले गए थे। उसमें जो मेरा इनसेंटिव बनता है वो दे दो और करवा लो।
ठेकेदार : आपका कुछ नहीं बनता, एमसी साहब। आप करो तो ठीक है और साइन न करो तो ठीक।
पार्षद : आपसे अलग है क्या कोई।
ठेकेदार : हम किसी को कोई कमीशन नहीं देते और काम करेंगे तो पैसे भी लेंगे। आप कमीशन मांग रहे हो, गलत बात है।
पार्षद : आपको उसी समय मना कर देना चाहिए था।
ठेकेदार : अगर आप साइन नहीं करोगे तो जो काम मैंने कर दिया तो क्या उसके पैसे नहीं मिलेंगे।
पार्षद : यहां से जाने के बाद आपने बवानीखेड़ा काम किया। तूने जो कहा वो याद कर। पेमेंट नहीं हुई है। पेमेंट होने के बाद खुद आ जाऊंगा। तूने ऐसा नहीं कहा।
ठेकेदार : नहीं कहा। आप जलालत कर रहे हो। जाए क्या फिर उठके।
पार्षद : नहीं बैठ चाय पी।
ठेकेदार : नहीं चाय तो बाद में पीते हैं। आपने बात ही ऐसी कर दी है कि पहले कमीशन दे।
पार्षद : कमीशन नहीं, जो पहले काम किया था, उसका।
ठेकेदार : हम कभी अफसर को भी कमीशन नहीं देते।
पार्षद : तुम कहते हो कि बाद में देते हैं।
ठेकेदार : मतलब क्या हुआ पहले पैसे मांगने का।
पार्षद : 2020 का काम है वो।
ठेकेदार : चाहे 20 का हो चाहे 21 या 25 का हो, आपका कमीशन मांगने का हक नहीं बनता।
वीडियो वायरल करने वाले ने वर्ष 2013 में मेरे खिलाफ चुनाव लड़ा था और वर्ष 2018 में इसके लड़के ने चुनाव लड़ा था। वर्ष 2020 में मेरे वार्ड में जीटी का काम किया था और एक स्लैब बनाई थी। मुझे पता लगा कि यह मुझसे तीन स्लैब का लिखवाकर ले गया। ये मेरे पास आया और बोला कि ये मैंने जीटी लगाई है, यह लिखकर दे दो। मैंने कहा कि तुमने कहां-कहां कितनी जीटी लगाई है, यह पता लगाकर उतनी मैं लिखकर दे दूंगा। उसने कहा कि अगर आप नहीं लिखोगे तो मुझे पेमेंट नहीं मिलेगी तो मैंने कहा कि पेमेंट तुझे मिलेगी और तुम आराम से बैठकर चाय पियो। तभी मेरे पास वीडियो कॉल आ गई और मैं वीडियो कॉल पर बात कर रहा हूं और यह बीच में पता नहीं क्या-क्या बोल रहा है। बीच में मैं इसे बोल रहा हूं कि तुझे पैसे मिलेंगे। यह चुनावी स्टंट है। इसे चुनाव लड़ना होगा, वोट मिल जाएंगे। -
उमेद खन्ना, पार्षद, वार्ड-6
मैंने पब्लिक हेल्थ का काम किया था और मैं कहने गया था कि जो मैंने काम है, उस पर साइन कर दो। काम अभी पूरा ही हुआ है। बिल भी नहीं बना। मैंने जीटी लगाई है। मुझसे पार्षद बोले कि कुछ लूंगा फिर साइन करूंगा।
- दयानंद, ठेकेदार