हांसी। जिला निकाय आयुक्त अशोक गर्ग मंगलवार को हांसी नगर परिषद में पार्षदों की बैठक लेने पहुंचे। पार्षदों ने खुले तौर पर बोलते हुए कहा कि नगर परिषद में भ्रष्टाचार व घोटालों की भरमार है।
पार्षदों ने शिकायत करते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था के नाम पर नगर परिषद में लाखों के घोटाले हो रहे हैं, जबकि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। दिन में लाइटें जलती हैं, फिजूल जगहों पर ब्लॉक लगाई जा रही है। अब तो सड़कों के निर्माण के एस्टीमेट भी बढ़ाए जा रहे हैं। सीएम विंडो पर शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती।
नगर पालिका व नगर परिषद नगर निगम के अंडर आने के बाद जिला निकाय आयुक्त अशोक गर्ग मंगलवार को पहली बार हांसी में पार्षदों की बैठक लेने पहुंचे थे। बैठक में पार्षद अजय सैनी ने कहा कि शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। सफाई के नाम पर घोटाले हो रहे हैं, अगर भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ तो वह इस्तीफा दे देंगे। सैनी ने यह भी कहा कि शहर में केवल चेयरपर्सन के ही होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जबकि अन्य पार्षदों के होर्डिंग्स उतरवा दिए गए हैं।
पार्षद सीमांत चौधरी ने कहा कि शहर कचरे का ढेर बना पड़ा है। शहर में कई ऐसे प्वाइंट हैं, जहां से कचरा लिफ्ट नहीं होता। उन्होंने कहा कि काली देवी मार्ग का एक हिस्सा, जोकि करीब सवा करोड़ में तैयार हो गया, वहीं उसी मार्ग का दूसरा हिस्से के निर्माण का एस्टीमेट बढ़ाकर 5 करोड़ कर दिया गया है। इससे स्पष्ट है कि कुछ गड़बड़ है। सीमांत ने यह भी कहा कि जेई व अन्य अधिकारियों की प्रॉपर्टी की जांच करवाई जाए, सारी सच्चाई का पता चल जाएगा। इस पर पार्षद सोनू बिडलान बिफर गए और उन्होंने कहा कि जेई अनुसूचित समुदाय से है, इसलिए पार्षद प्रतिनिधि सीमांत यह बात कर रहे हैं। दोनों पार्षदों में बहस भी हुई। पार्षद मीनू मुवाल ने भी सोनू बिडलान का समर्थन किया।
पार्षद आशीष पिंकू ने कहा कि आज भी शहर के 7 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन नहीं हो रहा है, जबकि कागजों में ठेकेदार व कर्मियों को सफाई के नाम पर भुगतान किया जा रहा है। उनके वार्ड में आज तक लोगों को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की सुविधा नहीं मिली।
पार्षदों की शिकायतें सुनने के बाद जिला निकाय आयुक्त अशोक गर्ग ने कहा कि पार्षद उन्हें मौका दिखाएं, कहां-कहां से कूड़ा लिफ्ट नहीं हो रहा है। इस पर पार्षद सीमांत चौधरी ने उन्हें काली देवी चौक व कई जगहों का मुआयना करवाया। कमिश्नर ने कहा कि सफाई व्यवस्था के मुद्दे को लेकर एक व्हाटसएप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें सभी पार्षदों, ईओ व एसडीएम को भी शामिल किया जाए। ग्रुप में शिकायत मिलने पर समस्याओं का समाधान करवाया जाए। वहीं बैठक में कुल 27 पार्षदों में से 10-12 पार्षद ही पहुंचे थे। चेयरपर्सन निर्मला सैनी को छोड़ कर कोई भी महिला पार्षद नहीं थी। जिस पर कमिश्नर ने कहा कि महिलाएं पार्षद स्वयं बैठक में आए। बैठक में एसडीएम जितेंद्र अहलावत भी मौजूद रहे।