वार्ड-11 स्थित न्यू सैनिक विहार कॉलोनी में पूर्व पार्षद के कहने पर नगर निगम अधिकारियों द्वारा तीन साल पहले अवैध रूप से दो सड़कों का निर्माण करने का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत मेयर गौतम सरदाना को सौंपकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब कॉलोनी में घर बनाने वालों ने पेयजल व सीवरेज कनेक्शन देने की मांग की। लोगों का कहना है कि अगर गली बनाई जा सकती है तो सीवर-पानी के कनेक्शन भी दिए जाएं।
40 लाख रुपये खर्च किए गए थे गली निर्माण पर
वर्ष 2017 में प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा मोटे मुनाफे के चक्कर में धड़ाधड़ कॉलोनियां काटी गई थीं। उसी दौर में न्यू सैनिक विहार कॉलोनी भी काटी गई। आरोप है कि कॉलोनी में इंटरलॉकिंग सड़कें निगम द्वारा बनाई हुई देखकर लोग अधिक प्लॉट खरीद सकेंगे, इसके चक्कर में गलियां बनवा दी गईं। उस दौरान राजपाल मांडू वार्ड-11 के पार्षद थे। मांडू ने भी स्वीकार किया है कि उन्होंने गलियों के निर्माण के लिए निगम प्रशासन से आग्रह किया था।
मैं उस समय पार्षद था, मेरे वहां वोटर थे, इसलिए मैंने गली बनाने के लिए कहा था। कॉलोनी वैध है या अवैध, यह देखना काम अधिकारियों का है। अगर इसमें गलती रही है तो अधिकारी जानें।
- राजपाल मांडू, पूर्व पार्षद, वार्ड-11
हमारे पास अब लोग सीवरेज व पेयजल कनेक्शन करवाने की मांग करने आए हैं। जब अधिकारी गलियों का निर्माण करवा सकते हैं तो सीवरेज-पानी के कनेक्शन भी देने चाहिए। लोगों की मांग तो जायज है।
- कर्मवीर सातरोड़, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड-11
हो सकता है कि इन गलियों के लिए पैसा तत्कालीन सांसद दुष्यंत चौटाला के एमपी लैड से आया हो। एमपी लैड से अवैध कॉलोनी में भी गली बन सकती है। बाकी सोमवार को फाइल देखकर ही पूरी जानकारी दी जा सकती है।
- संदीप धुंधवाल, तत्कालीन एक्सईएन, नगर निगम
मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। अगर मेयर साहब के पास शिकायत आई है तो वह आदेश देंगे तो मामले की जांच की जाएगी।
- संदीप सिहाग, मौजूदा एक्सईएन, नगर निगम