हिसार। अदालत के आदेशों के बावजूद बिल्डिंग में निर्माण कार्य करवाने का मामला सामने आने पर नगर निगम प्रशासन ने राम चाट भंडार के मालिक के विरुद्ध अवमानना याचिका दायर की है। न्यायालय ने नगर निगम प्रशासन की याचिका पर संज्ञान लेते हुए 2 मई को सुनवाई करने का निर्णय किया है।
नगर निगम आयुक्त अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि राम चाट भंडार (आरसीबी) के मामले में बीते दिन माननीय न्यायालय ने आदेश दिए थे। इसमें पहला आगजनी के बाद जर्जर हुए भवन के सुरक्षित होने को लेकर बीएंडआर विभाग के एक्सईएन भवन का निरीक्षण करके 5 मई 2022 तक अपनी रिपोर्ट देंगे। तब तक भवन जैसी अवस्था में है, वैसे ही रहेगा। न तो भवन मालिक और न ही नगर निगम प्रशासन भवन के साथ कोई छेड़खानी करेगा। निगमायुक्त ने बताया कि 29 अप्रैल को नगर निगम की टीम ने जब मौके का निरीक्षण किया तो राम चाट भंडार का मालिक कुलदीप माननीय न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए भवन में निर्माण कार्य करवा रहा था। इस मामले में संज्ञान लेते हुए नगर निगम प्रशासन द्वारा कुलदीप के विरुद्ध न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने की याचिका दायर की थी। न्यायालय द्वारा 2 मई को सुनवाई की जाएगी।
यह था मामला
रामचाट भंडार बूथ नंबर 101डी व 102डी में 12 अप्रैल को आग लग गई थी। इससे पांच मंजिला भवन पूरी तरह से जल गया था। आग में जिंदा जलने से एक किशोर की मौत भी हो गई थी। नगर प्रशासन ने अवैध भवन को तोड़ने के लिए नोटिस जारी किए थे। नोटिस के बाद मालिक ने बिना सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों से बिल्डिंग तोड़ने का कार्य शुरू करवा दिया था। निगमायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने सुरक्षा उपकरणों के साथ भवन तोड़ने का निर्देश दिया था। निगमायुक्त के आदेशों के बाद बिल्डिंग मालिक ने याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने बिल्डिंग की यथास्थिति बनाये रखने के आदेश दिये थे। इसके अनुसार दोनों पक्षों को बिल्डिंग से छेड़खानी नहीं करने के आदेश थे।