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निगम प्रशासन ने 33 अवैध बिल्डिंग मालिकों और 28 पीजी संचालकों को जारी किए नोटिस

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नगर निगम प्रशासन शहर में अवैध निर्माण करने वालों और बिना पंजीकरण पीजी चलाने वालों से अब सख्ती से निपटेगा। कमिश्नर डॉ. जेके आभीर के सख्त आदेशों के बाद निगम की बिल्डिंग ब्रांच की ओर से 33 अवैध बिल्डिंग मालिकों और 28 पीजी संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी को एक सप्ताह में नक्शा पास करवाने और नियमों को पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। नियमों को पूरा नहीं करने पर बिल्डिंग सील करने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि शहर में प्रॉपर्टी सर्वे करने वाली एजेंसी ने पिछले करीब छह महीने के दौरान 1500 से अधिक निर्माण कार्यों की जानकारी निगम प्रशासन को दी थी। इस पर अधिकारियों ने बिल्डिंग ब्रांच के अफसरों को इन निर्माण कार्यों की जांच करने के निर्देश दिए थे।
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बिना नक्शा पास करवाए रेजिडेंशियल ही नहीं कॉमर्शियल बिल्डिंग भी बन रही
शहर में बिना नक्शा पास करवाए रेजिडेंशियल ही नहीं बल्कि कॉमर्शियल बिल्डिंग भी धड़ल्ले से बन रही हैं। कुछ बिल्डिंग मालिक तो नोटिस भेजने के बाद भी जवाब नहीं दे रहे हैं। हाल ही में कमिश्नर ने निगम के चारों एमई को गंभीरता के साथ अपने निर्धारित वार्डों में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी जुटाकर बिल्डिंग इंस्पेक्टरों से जांच करवाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से ही नोटिस देने की प्रक्रिया तेज हुई है।
पीजी पर शिंकजा कसने के लिए बनाए हैं कड़े नियम
जानकारों की मानें तो शहर में करीब 300 पीजी बने हुए हैं, लेकिन इनमें से एक भी पंजीकृत नहीं है। निगम प्रशासन ने हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास कर पीजी पंजीकरण के लिए कड़े नियम बनाए हैं। इन नियमों में आसपास की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन व पार्षद की एनओसी से लेकर 250 वर्ग गज जगह और कॉमर्शियल नक्शा जरूरी है। इस कारण पीजी संचालकों को नियम पूरे करने में पसीने छूट रहे हैं।
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कम जारी हो पाते हैं नोटिस, बीआई दो जबकि क्लर्क व ऑपरेटर सिर्फ एक-एक
नगर निगम में दो बिल्डिंग इंस्पेक्टर हैं, इनको 20 वार्डों में से दस-दस वार्ड की जिम्मेदारी दी हुई है। वार्ड नंबर 1 से 10 बीआई धर्मेंद्र यादव जबकि वार्ड 11 से 20 बीआई सुमित ढांडा देखते हैं। बीआई दो होने जबकि क्लर्क व ऑपरेटर एक-एक होने के कारण अपेक्षा से कम ही नोटिस जारी हो पाते हैं। ब्रांच अधिकारियों की मानें तो अगर दो क्लर्क व दो ऑपरेटर और हों तो ज्यादा नोटिस तैयार करके भेजे जा सकते हैं।
बिना नक्शा पास करवाए बिल्डिंग बनाने वाले 33 बिल्डिंग मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा 28 पीजी संचालकों को भी नोटिस भेजेंगे। यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
डॉ. प्रदीप कुमार, डीएमसी, नगर निगम
शहर में अवैध रूप से बन रहे भवनों पर रोक लगाना जरूरी है क्योंकि नक्शा पास नहीं करवाने पर निगम को राजस्व प्राप्त नहीं होता है। शहरवासियों को खुद भी नक्शा पास करवाकर ही नियमानुसार भवन निर्माण करना चाहिए ताकि बाद में दिक्कत न हो।
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डॉ. महेंद्र जुनेजा, चेयरमैन, बिल्डिंग एवं रोड रेगुलेशन विजिलेंस सब कमेटी।
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