पादरी के कहने पर चर्च परिसर में प्रार्थना के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को बाहर जाने को कहता पुलिसकर?
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हिसार। कोरोना को देखते हुए इस बार क्रिसमस पर्व पर सेंट थॉमस चर्च बंद रहा, लेकिन एक बार सुबह के समय किसी ने चर्च का गेट खुलवा दिया और गेट खोलने के साथ ही लोगों की भीड़ अंदर आ गई। उसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को चर्च से बाहर निकाला और गेट पर ताला लगा दिया। सूचना मिलते ही पादरी आईपी मन भी वहां पहुंचे।
चर्च के पादरी आईपी मन ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे नूर निवास हाईस्कूल में प्रार्थना सभा चल रही थी। उस दौरान पीछे से किसी ने चर्च का गेट खुलवा दिया। गेट खोलने के साथ ही चर्च के अंदर लोगों की भीड़ आ गई। पादरी आईपी मन का कहना है कि गेट किसने खुलवाया है। इसको लेकर गेटमैन से बात की जाएगी। उससे पूछा जाएगा कि गेट बंद होने के बावजूद उन्होंने किसके कहने पर गेट खोला है।
बता दें, कि इस बार कोरोना को देखते हुए सेंट थॉमस चर्च में लोगों की एंट्री नहीं की गई और न ही चर्च में झांकी सजाई गई। हालांकि चर्च को लड़ियों से सजाया गया था मगर चर्च में लोगों की एंट्री नहीं की गई।
चर्च के बाहर गेट पर मोमबतियां जलाकर की प्रार्थना
कोरोना को देखते हुए इस बार चर्च में न तो कोई कार्यक्रम हुआ और न ही लोगों की एंट्री की गई। ऐसे में काफी लोग तो चर्च के बंद गेट को देखकर वापस चले गए, मगर वहां पहुंचे काफी लोगों ने चर्च के बाहर गेट पर मोमबत्तियां जलाकर प्रार्थना की। लोगों का सुबह से रात तक चर्च के बाहर आनाजाना लगा रहा मगर गेट बंद होने के कारण वह अंदर नहीं जा सके।
रात तक पुलिस रही तैनात
चर्च के बाहर रात तक पुलिस तैनात रही ताकि किसी प्रकार की कोई व्यवस्था न बिगड़े। हालांकि रात को भी काफी लोग चर्च में जाने के लिए घरों से निकले, लेकिन गेट बंद होने के कारण वे लौट आए तो कइयों ने चर्च के बाहर मोमबत्तियां जलाकर प्रार्थना की।
चर्च परिसर में कैंडल जलातीं युवतियां।- फोटो : Hisar
चर्च परिसर में प्रार्थना के लिए आए श्रद्धालुओं को समझाता चर्च पदाधिकारी।- फोटो : Hisar