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विवाद : जीजेयू में थम नहीं रहा कर्मचारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर, गजुटा के पूर्व सचिव ने जड़े आरोप

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गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कर्मचारियों द्वारा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
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अब गुरु जंभेश्वर टीचर यूनियन के पूर्व सचिव प्रो. संजीव ने कुलसचिव प्रो. आरएस जागलान पर बेटे को नौकरी दिलाने के लिए नियमों को ताक पर रखने के आरोप लगाए हैं।

उनके आरोप हैं कि बेटे को चयनित करवाने के लिए दूसरे प्रत्याशियों के जान-बूझकर कम अंक लगवाए गए और बेटे को बढ़ा-चढ़ाकर अंक दिलवाए गए। वहीं, प्रो. जागलान ने इस सब आरोपों को निराधार बताया है और कहा कि सचिव को तो पहले ही गजुटा से हटाया जा चुका है। 
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रविवार को गजुटा के पूर्व सचिव ने यह आरोप जीजेयू प्रशासन से ही आरटीआई के तहत मिली जानकारी के आधा पर लगाए।

इसमें कुलसचिव के बेटे आदित्य वीर सिंह जागलान को असिस्टेंट डायरेक्टर (ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट) के साक्षात्कार में सभी छात्रों से अधिक नंबर दिए गए हैं, जबकि अन्य योग्यताओं में उनके अंक बहुत कम हैं।

इसी को लेकर उन्होंने कुलपति से मांग की है कि इस मामले में रजिस्ट्रार के खिलाफ जांच करवाएं। उन्होंने आरटीआई के तथ्यों को आधार बनाते हुए कहा कि प्रदेश का जीजेयू ही शायद एकमात्र ऐसा विवि है, जहां पर पिछले आठ सालों से कुलसचिव को बदला नहीं गया है।
 
पूर्व सचिव ने आरोप लगाए कि विज्ञप्ति में असिस्टेंट डायरेक्टर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट पद के लिए 15600-39100+6000 ग्रेड पे निर्धारित किया जाता है।

सरकार की ओर से अक्टूबर, 2012 में इस पद के लिए स्वीकृति मिल जाती है, जिसके बाद ग्रेड पे में बदलाव कर 15600-39100+5400 जीपी कर दिया जाता है।

कोर्ट केस के चलते कैसे ईसी की बैठक में आदित्य वीर सिंह को असिस्टेंट डायरेक्टर पद के लिए कंफर्मेशन मिल जाती है।

रजिस्ट्रार प्रो. जागलान ने कहा कि जब कोर्ट केस चल रहा है, ऐसे में इस तरह से प्रेस में जानकारी जारी कर गजुटा सचिव साबित क्या करना चाहते हैं।

उन्हें तो गजुटा के सचिव पद से पहले ही हटाया जा चुका है। इसके बाद भी वह अपने इस पद का प्रयोग कर रहे हैं। वह कंसलटेंसी में घपले के मुद्दे को दबाना चाहते हैं, क्योंकि इस मामले में जिन प्रोफेसरों से रिकार्ड की मांग की गई है, वह उनके नजदीकी हैं।
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ऐसे में आदित्य वीर के खिलाफ प्रचार कर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। आदित्य वीर का मामला कोर्ट में चल रहा है।

ऐसे में ऐसी बयानबाजी करने से पहले कोर्ट के निर्णय का इंतजार करना चाहिए। कंसलटेंसी के नाम पर जीजेयू में पांच करोड़ रुपये घोटाले के आरोप लगे हैं।

प्रतिभागी का नाम  क्वालिफिकेशन अंक (30) अनुभव अंक (30)  साक्षात्कार अंक (40)     कुल अंक
1. आदित्य वीर सिंह   25                      20                       34                                           79
2. अभिषेक गोयल    30                     20               24                       74
3.पीयूष हुड्डा         30                     25               18                      73
4. योगेश कौशिक      30                     25              17                       72
5.राकेश चौधरी         30                     20               26                       76
आरोप है कि साक्षात्कार में भाग लेने वाले अधिकतर छात्रों को साक्षात्कार में कम अंक दिए गए, ताकि आदित्य वीर सिंह को टॉप करवाया जा सके। इंटरव्यू में 40 में से 34 अंक दिए गए, जबकि अन्य में वे  प्रतिभागियों से दस अंकों से पीछे थे।
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