हिसार। टोहाना से जजपा विधायक देवेंद्र सिंह बबली के आवास के घेराव के मुद्दे पर किसान नेता राकेश टिकैत और गुरनाम चढूनी के सुर वीरवार को अलग-अलग नजर आए। बाडोपट्टी टोल पर पहुंचे गुरनाम चढूनी ने कहा कि जो लोग विधायक देवेंद्र बबली की कोठी का घेराव करने गए थे, वे हमारे किसान नहीं थे। इस पर किसानों ने जाम खोल दिया। वहीं राकेश टिकैत रामायाण टोल पर जाम के फैसले पर अडिग रहे। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को रिहा नहीं किया जाएगा तब तक यहीं रहेंगे।
बताया जाता है कि गुरनाम चढूनी और राकेश टिकैत के बीच वीरवार को टोहाना में हुई पंचायत से ही कुछ मतभेद नजर आए। उस पंचायत में चढूनी ने विधायक बबली के आवास के घेराव का फैसला नहीं किया था, जबकि प्रशासन को 6 जून तक का अल्टीमेटम दिया था। फिर भी हिसार के किसान नेता विकास सिसर और रवि आजाद के नेतृत्व में कुछ लोग विधायक के आवास को घेरने के लिए निकल पड़े थे। बताया जाता है कि इसी वजह से चढूनी नाराज हो गए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जो पंचायत के फैसले को नहीं मान रहे ऐसे लोग हमारे साथी नहीं है। दूसरी तरफ राकेश टिकैत ने कहा कि भले ही उन किसानों से गलती हो गई हो, लेकिन हमें उनका साथ देना है। फिर भी टिकैत ने वीडियो में जारी बातों पर यह कहा कि उनके भाव नहीं समझे। आपस में हम सब एक साथ हैं।
इस बीच गुप्तचर विभाग के कर्मचारियों ने भी पुलिस के आला अधिकारियों से बात करवाने की कोशिश की, मगर टिकैत ने साफ मना कर दिया और बोले कि अब किसी बात पर समझौता नहीं करूंगा। जब तक दोनों किसान नेता रिहा नहीं हो जाते, रामायण टोल जाम रहेगा और वह खुद यहां मौजूद रहेंगे।
फतेहाबाद एसपी से बोले राकेश टिकैत, पहले हमारा समाधान करवाओ
किसान नेता टिकैत फतेहाबाद जेल में बंद अपने साथियों को रिहा करवाने के लिए अड़ गए हैं। उन्होंने फतेहाबाद एसपी राजेश कुमार से साफ शब्दों में कहा कि पहले हमारा समाधान करवाओ। उसके बाद ही बातचीत संभव है। संभावना जताई जा रही है कि शुक्रवार सुबह पुलिस प्रशासन और किसानों नेताओं के बीच सुलह के लिए वार्ता हो सकती है।