बीएसएनएल टेलीफोन एक्सचेंज की तीसरी मंजिल के ट्रांसमिशन रूम में शुक्रवार की सुबह शार्ट-सर्किट के चलते आग लग गई। ट्रांसमिशन रूम में आग लगने के कारण आने वाले दो दिनों तक हिसार, फतेहाबाद और सिरसा के करीब नौ लाख बीएसएनएल उपभोक्ताओं की टेलीकॉम व इंटरनेट सेवाओं से पूरी तरह से वंचित रहना पड़ेगा।
बीएसएनएल की विभिन्न सेवाएं ठप्प होने के कारण सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में पूरी तरह से काम प्रभावित हुआ। वह चाहे लघुसचिवालय, बैंक, बीमा निगम कार्यालय, वित्तीय संस्था, बिजली निगम, कॉलेज व यूनिवर्सिटीज और अन्य प्राइवेट संस्थानों की इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हुई है।
शुक्रवार सुबह आठ बजे अचानक टेलीफोन एक्सचेंज के नॉदर्न टेलीकॉम रीजन या ट्रांसमिशन रूम के तारों में स्पॉर्किंग के चलते आग लग गई। ऑप्टिकल फाइबर केबल व अन्य कॉपर से बनी केबलों ने धीरे-धीरे आग पकड़ ली। आग फै लते हुए कई रैंकों में लग गई और चैंबर धुंए से भर गया। आग लगने की सूचना मिलते ही सिक्योरिटी ने तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया और कुछ ही मिनटों में फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। गाड़ियों के पहुंचने तक धुंआ पूरी बीएसएनएल भवन में फैल चुका था।
फायर ब्रिगेड के आधे अधिकारियों ने बिल्डिंग की खिड़कियों के शीशे तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की। मगर सवा नौ बजे तक उन्हें अंदर जाने में सफलता नहीं मिली। ऐसे में कुछ कर्मचारियों ने हिम्मत दिखाते हुए फायर ब्रिगेड अधिकारियों के साथ जाकर अंदर से बिना आग लगे कार्यालय की खिड़कियां व दरवाजे खोले, ताकि धुआं बाहर आ सके। उसके बाद कुछ स्थिति स्पष्ट हुई। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने खिड़कियों को तोड़कर और बिल्डिंग के पिछले दरवाजों से घुसकर तीसरी मंजिल में एंट्री की ।
नॉदर्न टेलीकॉम रीजन या ट्रांसमिशन रूम को पूरी तरह से एसी बनाया गया है। ऐसे में खिड़कियों को इस तरह से बंद किया गया था कि कोई आसानी से खोल न सके। इसी कारण बाहर से रूम में लगी आग को कंट्रोल करने वाली फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को शीशे तोड़ने में बहुत दिक्कत आई।
महाप्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि सभी उच्चाधिकारियों को घटना के बारे में जानकारी दे दी गई है। ट्रांसमिशन चैंबर को ठीक करने के लिए प्रयोग में आने वाली केबलों और अन्य सामान को लेकर अंबाला व करनाल से टीमें आ रही हैं। एक टीम में करीब 10 टेक्निकल कर्मचारी हैं। इसके साथ हिसार के सभी टेक्निकल एक्सपर्ट मिलकर मरम्मत का काम पूरा करेंगे।
महाप्रबंधक ने बताया कि आने वाले दो दिनों के अंदर मोबाइल व इंटरनेट सेवाएं सुचारू रूप से शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए विभाग के करीबन 30 से ज्यादा टेक्निकल कर्मचारी दिन रात मरम्मत कार्य में लगे रहेंगे। उन्होंने बताया कि पूरी तरह से सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं में व्यवस्थाओं को आने वाले दस दिनों में ठीक कर दिया जाएगा।
मोबाइल से लेकर इंटरनेट की सेवाएं आग लगने के ठीक 20 मिनट के बाद बंद हो गई थी। बीएसएनएल कार्यालय के एनटीआर या ट्रांसमिशन रूम में आग लगने के कारण हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिले के उपभोक्ताओं मोबाइल सेवा से कट गए हैं। इन तीन जिलों में आठ लाख के करीब मोबाइल उपभोक्ता हैं, जो बीएसएनएल की सेवा का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे में उनके मोबाइल सेवा पूरी तरह से ठप्प हो गई है। बीएसएनएल के 60 हजार लैंडलाइन उपभोक्ता हैं। इसके अलावा 25 हजार से अधिक ब्राडबैंड उपभोक्ता इंटरनेट सेवाओं का लाभ नहीं ले सकेंगे।
तीनों जिलों में 400 से ज्यादा बीएसएनएल के टेलीफोेन टावर लगी हुए हैं। टेलीफोन टावर्स को कनेक्ट करने वाला कक्ष भी ट्रांसमिशन कक्ष के पास ही है। शुक्र है कि आग ट्रांसमिशन कक्ष से बाहर नहीं आई वरना तीनों जिलों की 400 टावर भी प्रभावित हो जाते।
बीएसएनएल कार्यालय में कांट्रेक्ट पर काम करने वाले एक 65 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी जान की परवाह किए बगैर दूसरी व तीसरी मंजिल के कार्यालयों के खिड़की दरवाजे खोले।
कहां-कहां पड़ा प्रभाव
-- सभी सरकारी कार्यालयों के लैंडलाइन ठप
--पुलिस कंट्रोल रूम सेवा बंद
--बिजली निगम शिकायत केंद्र सेवा बंद