फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: कुलपति को 6 माह की छुट्टी पर भेजने और रिटायर्ड जज वाली कमेटी से जांच पर बनी सहमति

विज्ञापन
एच यू गेट नंबर 4 के बाहर धरने पर बैठे छात्र सरकार द्वारा मांगे मान ली जाने के बाद धरने पर जानका
विज्ञापन
हिसार। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एएचयू) में बीते 16 दिन से आंदोलनरत छात्रों और सीएम की ओर से गठित कमेटी के बीच बुधवार को सभी मुद्दों पर सहमति बन गई। कमेटी के सदस्य शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने छात्रों से बातचीत में कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज को छह महीने की छुट्टी पर भेजने और रिटायर्ड जज वाली तीन सदस्यीय कमेटी से पूरे मामले की जांच कराने पर सहमति जताई। हालांकि विद्यार्थियों ने लिखित में मिलने तक धरना जारी रखने की घोषणा की है।
विज्ञापन

एचएयू के गेट नंबर चार पर धरनारत छात्रों से शिक्षा मंत्री ने मोबाइल फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सभी मांगें माने का भरोसा दिया। इसके बाद हिसार एसडीएम ज्योति मित्तल के साथ छात्रों की पीडब्ल्यूडी के विश्राम गृह में बातचीत हुई। इस दौरान मित्तल ने कहा कि सरकार ने आपकी सभी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया। इसके बाद धरने पर लौटे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने अपने साथियों को प्रशासन के निर्णय से अवगत कराया। उधर, कौल और बावल कैंपस के विद्यार्थियों के लिए भी एचएयू के मुख्य कैंपस वाले नियम ही लागू होंगे। एमबीए के विद्यार्थियों को भी स्कॉलरशिप दिए जाने पर सहमति बनी है।
विज्ञापन

इन मांगों पर बनी सहमति ...
1. कुलपति को छह महीने की छुट्टी पर भेजा जाएगा। रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराएंगे।
2. रजिस्ट्रार, डीएसडब्ल्यू, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर को निलंबित किया जाएगा। इन्हें प्रशासनिक पदों से भी हटाया जाएगा।
3. डीन पीजी डॉ. केडी शर्मा, कपिल अरोड़ा, डॉ. अतुल ढींगड़ा, डॉ. दलीप बिश्नोई को हटाया जाएगा।
4. चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर सुखबीर सिंह को सेवानिवृत्ति तक एचएयू मुख्य कैंपस से बाहर तैनात रखा जाएगा।
5. जिस प्रतिशत में विद्यार्थियों की फीस बढ़ेगी उसी हिसाब से स्कॉलरशिप बढ़ाई जाएगी।
6. यूनिवर्सिटी के 93वें संशोधन को रद्द किया जाएगा ।
7. जेआरएफ और प्रवेश परीक्षा से दाखिला लेने वालों की फीस समान होगी।
8. आंदोलन में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
9. विश्वविद्यालय शैक्षणिक परिषद में दो छात्र प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो विद्यार्थियों की ओर से ही चुने जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें