हिसार। केंद्रीय जेल-2 में बंदियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण और व्यावसायिक कौशल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कंप्यूटर लैब शुरू की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य न्यायाधीश-कम-सचिव अशोक कुमार ने लैब का उद्घाटन किया। इस दौरान जेल अधीक्षक रमेश कुमार सहित जेल अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में बंदी मौजूद रहे।
लैब के लिए कंप्यूटरों की व्यवस्था नई दिल्ली स्थित एसटी फाउंडेशन ने की है। फाउंडेशन के निदेशक कमल दीप जैन और इंडिया विजन फाउंडेशन, नई दिल्ली के रवि श्रीवास्तव ने बताया कि विभिन्न पाठ्यक्रमों के माध्यम से बंदियों को उपयोगी कौशल देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
जेल अधीक्षक रमेश कुमार ने कहा कि केंद्रीय जेल-2 प्रशासन महिला और पुरुष बंदियों के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रहा है। इसका उद्देश्य जेल में रहते हुए उनके समय का सदुपयोग कराना और ऐसे कौशल विकसित करना है, जिससे रिहाई के बाद वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आगे बढ़ सकें।