हिसार। नागरिक अस्पताल में भर्ती मरीजों के निजी लैब कर्मचारी द्वारा ब्लड सैंपल लेने के मामले की जांच के लिए तीन चिकित्सकों की कमेटी बनाई गई है। कमेटी जांच करेगी कि बाहर से निजी लैब के कर्मचारी अंदर आकर कैसे मरीजों के सैंपल ले रहे हैं और किसकी अनुमति से अंदर आ रहे हैं। टीम अस्पताल परिसर के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालेगी।
अस्पताल परिसर में वार्डों में भर्ती मरीजों के निजी लैब वाले सैंपल नहीं ले सकते। इसके बावजूद काफी समय से निजी लैब के कर्मचारी अस्पताल के अंदर आकर मरीजों के सैंपल लेकर जा रहे हैं। रिपोर्ट के नाम पर मनमर्जी के रुपये वसूले जा रहे हैं। गौरतलब है कि न्योली खुर्द गांव के रहने वाले राजबीर ने बताया था कि 15 साल के बेटे सुखबीर को पांच दिन पहले उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लेकर आए थे। शनिवार को चिकित्सक प्रवीन ने बेटे की जांच करने के बाद टेस्ट लिखा था। जो यहां पर नहीं होता। बाहर से करवाना पड़ता है। शनिवार को बाहर से टेस्ट करवाया उसने जांच के 450 रुपये लिए थे। रविवार सुबह वार्ड के बाहर बैठा था। इसी दौरान दूसरी लैब वाला एक व्यक्ति आया और बेटे का ब्लैड सैंपल लेकर चला गया। कुछ देर बाद आया और कहा कि सैंपल जांच के 550 रुपये जमा करवा दो। मैंने कहा कि चिकित्सक ने कोई टेस्ट नहीं लिखा है। उसने कहा कि मेरे पास पर्ची है। मैंने सोचा मैं बाहर तो चिकित्सक ने लिख दिया होगा और उसे 1000 रुपये दे दिए। जब वार्ड में गया तो पता चला कि चिकित्सक ने कोई टेस्ट नहीं लिखा। इस पर वार्ड में काफी देर तक हंगामा होता रहा।
अस्पताल में भर्ती मरीजों के ब्लड सैंपल ले जाने के मामले में तीन चिकित्सकों की एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी। उनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- गोविंद गुप्ता, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, हिसार