हिसार। मांगों के लिए पिछले साल 19 सितंबर से कुरुक्षेत्र में बेमियादी धरने पर बैठे में क्रिड पंचायत लोकल ऑपरेटर (सीपीएलओ) और लोकल कमेटी लोकल ऑपरेटर (एलसीएलओ) का धैर्य अब जवाब देने लगा है। एलसीएलओ कर्मचारी यूनियन ने एक मई को पिपली (कुरुक्षेत्र) स्थित मुख्यमंत्री आवास के घेराव का एलान किया है।
संगठन के जिला प्रधान सुरेंद्र सिंह जांगड़ा ने यहां जारी बयान में बताया कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 4,000 एलसीएलओ कर्मचारी, उनके परिजन और रिश्तेदार आगामी चुनाव में मतदान नहीं करेंगे।राज्य उपप्रधान प्रदीप राजली ने कहा कि विवाद पदनाम बदलने और वेतन न मिलने से जुड़ा है। सीपीएलओ पद के लिए परीक्षा ली गई थी लेकिन आधे युवाओं को सीपीएलओ बनाया गया और आधे का पदनाम बदलकर एलसीएलओ कर दिया गया। एलसीएलओ को 24 महीने से काम और वेतन नहीं मिला, जबकि सीपीएलओ को केवल 6,000 रुपये मासिक मिल रहे हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और अधिकारियों से कई बार मुलाकात की लेकिन समाधान नहीं हुआ। समान पद और वेतन मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा और सीटू व सर्व कर्मचारी संघ के साथ संयुक्त आंदोलन किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला प्रधान सुरेंद्र सिंह जांगड़ा, राज्य उपप्रधान प्रदीप राजली, उमेद किरमारा, नरेश, मनोज कुमार, सतीश, राजेश बोबुआ, अनिल कागसर, कमल गिरी, अजय राजली आदि कर्मचारी मौजूद रहे।