सीएम मनोहर लाल की घोषणा के करीब 20 महीने बाद शहर की सबसे बड़ी समस्या का हल निकालने के लिए पहला पत्थर रखा जाएगा। 50 एकड़ में बनाए जाने वाले प्रदेश के पहले गौ अभयारण्य की आधारशिला प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ रखेंगे। इस मौके पर भाजपा प्रदेेश अध्यक्ष सुभाष बराला, सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता भी मौजूद रहेंगे।
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने हिसार को लावारिस पशुओं से निजात दिलाने का वादा किया था। भाजपा सरकार बनने पर सीएम मनोहर लाल ने 29 दिसंबर 2014 को हिसार में गौ अभयारण्य बनाने की पहली घोषणा की थी। घोषणा के करीब 20 महीने बाद शुक्रवार को प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ गौ अभयारण्य की आधारशिला रखेंगे। राजकीय पशुधन केंद्र की ओर से नगर निगम को दी गई 50 एकड़ जमीन पर गौ अभयारण्य बनाया जाएगा। गौ अभयारण्य के लिए जीएलएफ ने नगर निगम को यह जमीन एक रुपया प्रति एकड़ प्रति वर्ष के हिसाब से 30 साल की लीज पर प्रदान की है। गौ अभयारण्य के लिए सरकार ने पहले चरण में करीब 10 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। गौ अभयारण्यों को सोसायटी के जरिए चलाया जाएगा, जिसमें दो समितियां होंगी। एक प्रशासनिक समिति तो दूसरी कार्यकारी समिति।
आधारशिला रखने में ही 20 महीने, धरातल पर कब
गौ अभयारण्य प्रोजेक्ट को आधारशिला तक पहुंचने में ही 20 महीने लग गए। अब गौ अभयारण्य बनने में भी एक से डेढ़ साल का समय लगेगा। ऐसे में शहर को लावारिस पशुओं से पूरी तरह से राहत दिलाने में अभी समय लगेगा। लोगों को इंतजार करना ही होगा।
क्या-क्या बनेगा
-पशुओं के लिए बड़े आकार का चारा भंडार गृह बनाया जाएगा।
- पशुओं के लिए एक शेड का निर्माण कराया जाएगा
-पूरे एरिया की चारदीवारी होगी
- पशुओं के पेयजल के लिए पानी के कुंड बनाए जाएंगे
-- पशुओं का एक छोटा चिकित्सालय होगा
-स्टाफ कर्मचारियों के लिए आवास का निर्माण होगा
-चारा काटने के लिए व्यवस्था की जाएगी
- पानी के लिए बोरवेल लगाए जाएंगे
हिसार में 13218 लावारिस पशु
विधानसभा में रखी गई सर्वे रिपोर्ट के अनुसार हिसार जिले में करीब 13218 से अधिक लावारिस पशु हैं। लावारिस पशुओं के मामले में हिसार प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। सबसे अधिक लावारिस पशु भिवानी जिले में करीब 15 हजार से अधिक हैं। पूरे हरियाणा में करीब 1.17 लाख से अधिक पशु हैं।
दो साल में 16 जानें गईं
लावारिस पशु पिछले करीब दो साल में 16 लोगों की जानें ले चुके हैं, जिनमें चार लोगों की मौत पिछले एक माह में हो चुकी है। करीब 40 से अधिक लोगों को पशु अस्पताल पहुंचा चुके हैं। लावारिस पशुओं की मौत के मामले में लोगों ने पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट में केस भी दायर किया था। वकील अमित परूथी ने इस मामले में डीसी, एसपी, मेयर सहित अन्य को लीगल नोटिस भी भेजे हैं।
अस्थायी बाड़े में पशुओं का बुरा हाल
नगर निगम की ओर से धांसू रोड पर पशुओं के लिए अस्थायी बाड़ा बनाया गया है। इस बाडे़ में सैकड़ों पशु हैं। निगम की ओर से पशुओं के चारे के लिए मदद नहीं मिलने के कारण पशुओं की हालत खराब है। यहां पशुओं के लिए पिछले करीब डेढ़ साल से चारे का प्रबंध सामाजिक संगठनों की ओर से किया जा रहा है।
हमने मैप तैयार करा लिया है। पहले फेज में 25 एकड़ एरिया को कवर किया जाएगा। दूसरे फेज में शेष 25 एकड़ हिस्सा बनाया जाएगा। गौ सेवा आयोग की ओर से हमें बजट मिलते ही काम शुरू करा देंगे। हमारी ओर से किसी तरह की देरी नहीं होगी।
जगदीश, म्यूनिसिपिल इंजीनियर नगर निगम हिसार