हांसी स्थित राजकीय महाविद्यालय मैदान में भारी विरोध, टकराव और लाठीचार्ज के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। हिसार के बहुचर्चित जीवन कुंडू हत्याकांड में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच सुबह तीखा टकराव हुआ। पथराव और लाठीचार्ज में पुलिसकर्मियों सहित कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने किसान नेता सुरेश कोथ और राजीव मलिक को हिरासत में ले लिया।
पुलिस की सुस्ती का फायदा, कॉलेज के पास पहुंचे प्रदर्शनकारी
हांसी को जिला घोषित किए जाने के बाद पहली बार यहां राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जा रहा था। किसान संगठनों द्वारा पहले से ही मुख्यमंत्री के घेराव की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद सुबह पुलिस की मुस्तैदी में कमी दिखी और प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ बैरिकेड्स तोड़कर राजकीय महाविद्यालय मैदान से मात्र 500 मीटर पहले तक पहुंच गए।
समारोह स्थल से बरवाला रोड तक खदेड़ा
प्रदर्शनकारियों को मुख्य गेट के करीब देखकर पुलिस हरकत में आई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए तुरंत मोर्चा संभाला गया और प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलते हुए बरवाला रोड की तरफ खदेड़ दिया गया। प्रदर्शनकारियों में भारी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं।
दयाल सिंह कॉलोनी में वार्ता के बाद लाठीचार्ज और 10 मिनट तक पथराव
दयाल सिंह कॉलोनी के मोड़ पर किसान नेता सुरेश कोथ व अन्य प्रतिनिधियों की पुलिस अधिकारियों से बातचीत हुई। प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि जीवन हत्याकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का ताजा अपडेट दिया जाए। बातचीत के तुरंत बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए दोबारा लाठीचार्ज किया, जिसके जवाब में प्रदर्शनकारियों की ओर से जोरदार पथराव शुरू हो गया। करीब 10 मिनट तक चले पथराव व लाठीचार्ज में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
रास्ते सील, सिसाय पुल और जेसीआई चौक पर भारी जाम
टकराव के बाद प्रशासन ने सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया। सिसाय पुल और दयाल सिंह कॉलोनी रोड पर डंपर और पत्थर के भारी बैरिकेड्स लगाकर कॉलेज जाने वाले रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया गया। जेसीआई चौक और सिसाय पुल पर वाहनों की आवाजाही रोके जाने से दोनों जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
वाहनों के टायरों से निकाली हवा
प्रदर्शनकारियों को दोबारा आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने मौके पर खड़े ट्रैक्टरों और अन्य निजी वाहनों के पहियों से हवा निकाल दी, जिससे कई गाड़ियां सड़कों पर ही जाम की स्थिति में खड़ी रह गईं।
किसान नेताओं की धरपकड़
स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रमुख किसान नेता सुरेश कोथ को गिरफ्तार कर लिया। इसके कुछ ही देर बाद सीएम का विरोध करने हांसी पहुंच रहे किसान नेता राजीव मलिक को भी पुलिस ने हिरासत (डिटेन) में ले लिया।
सुरक्षा घेरे और खुफिया तंत्र पर उठे सवाल
हिसार के जीवन हत्याकांड को लेकर किसान संगठन लगातार सीएम के विरोध की चेतावनी दे रहे थे। देर रात डीसी और एसपी स्तर पर वार्ता होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों का सुबह 6:30 बजे मुख्य आयोजन स्थल के इतने करीब पहुंच जाना पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था की प्रारंभिक मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े कर गया।