आम दिनों की तरह लघु सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था शनिवार को भी लचर नजर आई, जबकि सूबे के मुख्यमंत्री जिला स्तरीय समीक्षा बैठक लेने पहुंचे। इस दौरान लघु सचिवालय की आंतरिक सुरक्षा में चूक देखने को मिली। आग पर काबू पाने वाले अग्निशमन यंत्र (सिलेंडर) कबाड़ में तब्दील हो चुके थे और कचरे के भीतर अव्यवस्थित पड़े थे। सचिवालय अधिकारियों ने पानीपत में हुए भयंकर हादसे के बाद भी कोई सबक नहीं लिया है, जिससे वीवीआईपी की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया है। यही नहीं सचिवालय में प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान भी दम तोड़ता नजर आया। लघु सचिवालय में जगह-जगह कचरा बिखरा हुआ था। कर्मचारियों ने आनन-फानने में जहां जगह मिली वहीं कचरे को छिपा दिया।
सीएम के आगमन से जाम में फंसा शहर
सीएम के आगमन से एक घंटा पहले ही शहर के सभी रूट अचानक डायवर्ट कर दिए गए, जिससे पूरा शहर जाम में फंस गया। बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक रूट डायवर्ट किए गए। महारानी लक्ष्मीबाई चौक से कैंप चौक तक का रास्ता सीएम के आने से एक घंटा पहले ही पूरी तरह से सील कर दिया गया, जिससे शहर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यदि रूट प्लान पहले ही जारी किया जाता तो लोगों को सुविधा हो सकती थी। लेकिन ऐन मौके पर रूट बदले गए।
हर बार की तरह इस बार भी सीएम के आगमन से एक घंटा पहले अचानक ऑटो वालों का रूट डायवर्ट कर दिया गया। डाबड़ा चौक से बस स्टैंड की और से जाने वाले ऑटो को कैंप चौक से पुरानी सब्जी मंडी, जहाजपुल, पड़ाव चौक व ऑटो मार्केट होते हुए बस स्टैंड भेजा गया। वहीं बस स्टैंड से भी इसी रास्ते पर ऑटो का आवागमन रहा। इसके अलावा राजगढ़ रोड़ से आने वाले वाहनों को बाईपास के रास्ते भेज दिया गया। वहीं परिजात चौक से डीएन कॉलेज रोड़ होते हुए बालसंमद रोड से बाईपास के रास्ते वाहनों को भेजा गया। अचानक बदले गए इस रूट के कारण पड़ाव चौक, पुरानी सब्जी मंडी और कैंप चौक, परिजात चौक व बस स्टैंड के रास्ते पर जाम लग गया।