हिसार अदालत परिसर में जिला बार एसोसिएशन की ओर सीजेआई के स्वागत की तैयारी।
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बदल गया है अपराध का नेचर व ग्राफ
सीजेआई बोले पूरे दुनिया में अपराध का नेचर व ग्राफ बदल गया है। आज के समय में डिजिटल अरेस्ट के केस ज्यादा हो रहे हैं। जिसके जरिये हजारों करोड़ रुपये भारत से बाहर गया है। इसके अलावा देश में कमर्शियल लिटिगेशन बड़ी है। उन्होंने हांसी बार के वकीलों को डिजिटल मामलों को लड़ने के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए कहा।
वहीं, शाम लगभग 6.00 बजे सीजेआई सूर्यकांत हिसार अदालत परिसर पहुंचे। जस्टिस सूर्यकांत का जिला अदालत परिसर पहुंचने पर महिला अधिवक्ताओं ने स्वागत किया। सीजेआई पर फूल बरसाए गए और ढोल-नगाड़े बजाकर गर्मजोशी से स्वागत हुआ।
हांसी में आयोजित कार्यक्रम में पत्नी के साथ पहुंचे सीजेआई सूर्यकांत।
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हिसार के लिए आज एक गौरवपूर्ण दिन रहा। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत शुक्रवार को हिसार बार एसोसिएशन के अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। अपनी वकालत की शुरुआत इसी धरती से करने वाले जस्टिस सूर्यकांत जब मंच पर पहुंचे, तो वकीलों और स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान सीजेआई भावुक नजर आए और उन्होंने वकीलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का मूलमंत्र दिया।
हिसार बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस 'फैसिलिटेशन समारोह' में जस्टिस सूर्यकांत ने पुरानी यादें ताजा कीं। उन्होंने कहा कि लोग इसे 'घर वापसी' कह रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि उन्होंने कभी अपने घर यानी हिसार को खुद से दूर किया ही नहीं। हिसार बार हमेशा उनके लिए एक परिवार की तरह रहा है। मंच से वकीलों को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने भारतीय न्याय प्रणाली की ताकत का जिक्र किया। उन्होंने कहा भारतीय न्यायिक प्रणाली आज कई विकसित देशों से कहीं आगे है। टेक्नोलॉजी का महत्व: वकीलों को ज्यादा से ज्यादा आधुनिक तकनीक को अपनाना चाहिए।
बदलता प्रोफेशन: अब लीगल प्रोफेशन सीमाओं में कैद नहीं रहेगा, यह ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बना रहा है।
साइबर क्राइम की चुनौती: उन्होंने साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज के दौर में वकीलों को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की दीवारों से बाहर निकलकर खुद को तैयार करना होगा। टेक सेवी बनना होगा। डिजिटल अरेस्ट पर चिंता जताई।