सर्दी में वायरल, खांसी, जुकाम और एलर्जी के मरीजों की संख्या आए दिन बढ़ रही है। मरीज सुबह नागरिक अस्पताल में दवा लेने आते है, लेकिन दवा न मिलने के कारण बाहर से महंगे दामों पर दवा खरीदनी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन की तरफ से दूसरे बजट से थोड़ी बहुत दवाइयां मंगवाई जा रही है। कारण ये है कि पिछले छह महीने से मुख्यमंत्री मुफ्त योजना का बजट अभी तक नहीं आया।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार साल में चार चरणों में मुख्यमंत्री मुफ्त दवा योजना के तहत बजट आता है। इस साल में मार्च, अप्रैल और मई माह में दवा खरीदने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का बजट आया। इसके बाद विभाग की तरफ से दवा खरीदने के लिए 3 करोड़ 20 लाख रुपये की डिमांड भेजी गई, लेकिन पिछले छह महीने से दवा खरीदने के लिए किसी प्रकार का कोई बजट नहीं आया।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि सर्दी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। वायरल, खांसी, जुकाम और दिल से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ओपीडी में 100 से अधिक मरीज दवा लेने के लिए आ रहे हैं। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में भी बीमार बच्चों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
अस्पताल के दवाखाने में इन दवाइयों का स्टॉक खत्म
बुखार, पेट दर्द, कफ सिरप, शुगर, बीपी, एंटीबायोटिक, महिलाओं की बीमारी से संबंधित दवाइयां, एलर्जी की कुछ दवाइयां।
घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिली दवा
ऋषि नगर की रहने वाली रोशनी देवी ने बताया कि वह शुगर की बीमारी से ग्रस्त है। बीपी की परेशानी भी है। ऐसे में सुबह दवा लेने के लिए नागरिक अस्पताल आई थी। अस्पताल में चिकित्सकों को दिखाने के बाद उसने पर्ची पर दवा लिख दी। बेटा दवा लेने के लिए गया, लेकिन दवा नहीं मिली। घंटो इंतजार के बाद भी बाहर से दवा लेनी पड़ रही है।
नहीं मिली बुखार और खांसी की दवा
जवाहर नगर की रहने वाली पूजा ने बताया कि पिछले तीन दिन से बेटे को बुखार है। वीरवार सुबह उसे दवा दिलवाने के लिए नागरिक अस्पताल आई थी। सुबह लाइन में लगने के बाद चिकित्सक को दिखाने के लिए पर्ची कटवाई। इसके बाद फिजिशियन की ओपीडी में आई। यहां पर चिकित्सक ने जांच के बाद दवाइयां लिख दी। जब दवा खाने में दवा लेने के लिए तो पता चला कि बुखार और खांसी की दवा तक नहीं है। ऐसे में दवा से बाहर से खरीदनी पड़ रही है।
दूसरे बजट से दवाइयां खरीद रहे हैं। अभी मुख्यमंत्री मुफ्त योजना वाला बजट नहीं आया है। मरीजों को दवा के लिए दिक्कत नहीं होने देंगे। -
डॉ. रत्ना भारती पीएमओ नागरिक अस्पताल