करीबियों की दखल अंदाजी परिवार में झगड़े का सबसे बड़ा कारण बन रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नागरिक अस्पताल स्थित सुकून सेंटर में पहुंचे 40 घरेलू हिंसा के मामलों में लगभग 26 मामलों में करीबियों की दखल अंदाजी परिवार में झगड़े का कारण पाई गई है।
पीड़ित महिलाओं की काउंसलिंग के दौरान सामने आया कि उनके करीबी अक्सर उनकी निजी जिंदगी में दखल अंदाजी करते हैं। इस कारण परिवार में झगड़े की स्थिति बन जाती है, जो तलाक तक भी पहुंच जाती है। पिछले वर्ष दिसंबर माह में सुकून सेंटर में 40 पीड़ित महिलाएं घरेलू हिंसा से परेशान होकर पहुंची। इनमें ज्यादातर मामले पति व ससुरालवालों के साथ अनबन के पाए गए हैं।
थाने की बजाय सुकून सेंटर को तवज्जो
ज्यादातर पीड़ित महिलाएं पुलिस की अपेक्षा सुकून सेंटर में अपनी शिकायत लेकर पहुंचती हैं। शहर के महिला थाना में पूरे वर्ष में घरेलू हिंसा से संबंधित लगभग 65 मामले पहुंचे हैं, जबकि यह आंकड़ा सुकून सेंटर में केवल दो माह का है। इससे यह पता चलता है कि पीड़ित महिलाएं सुकून सेंटर को ज्यादा महत्व दे रही हैं और स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रही हैं।
ये मामले होते हैं
परिवार में झगड़ों के पीछे पारिवारिक दखल अंदाजी के मामले ज्यादा पाए गए हैं। इनमें ननदों द्वारा अपने मायके में दखल अंदाजी, लड़के की सास द्वारा बेटी के मायके में दखल अंदाजी के मामले प्रमुख तौर पर सामने आए हैं। अलग हो चुके जेठानी-देवरानी द्वारा भी दखल अंदाजी झगड़े का कारण हैं।
आजकल हर कोई आजादी चाहता है और किसी की भी अपने परिवार में दखल अंदाजी नहीं चाहता। परिवारों में अपनों की दखल अंदाजी के चलते झगड़े उत्पन्न होते हैं। दखल अंदाजी ही झगड़ों का प्रमुख कारण बन रहे हैं और पति-पत्नी में भी दखल अंदाजी के चलते ही छोटी-छोटी बातों से झगड़े बढ़ते हैं, जिनसे कभी-कभी तलाक की नौबत तक आ जाती है।
तान्या, काउंसलर सुकून सेंटर, नागरिक अस्पताल, हिसार।