शहर की सड़कों पर चलने वाले वाहन चालक जरा संभलकर चलें। शहर में 18 से अधिक डेंजर प्वाइंट हैं। धुंध के समय यह डेंजर प्वाइंट किसी भी वक्त किसी की भी जिंदगी लील सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड में भी डेंजर प्वाइंट जरूर हैं। मगर इन डेंजर प्वाइंट पर हादसों से बचने के लिए पुलिस व हाइवे अथॉरिटी की तरफ से कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। धुंध में विजिबिलिटी कम हो जाती है ऐसे में डेंजर जोन प्वाइंट्स पर रिफ्लेक्टर, संकेतांक या पुलों पर सेफ्टी वॉल लगवाने जैसे एहतियातन कार्य करना ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी है।
तोशाम रोड, कैमरी रोड नहर पुल पर गिरीं थीं दो गाड़ियां
करीब दो साल पहले सर्दियों में धुंध अधिक होने के चलते तोशाम रोड व कैमरी रोड पुल पर अलग-अलग दो हादसे हुए थे। सेफ्टी वॉल पर रिफ्लेक्टर न होने के चलते धुंध में गाड़ी नहर में गिर गई थी। इनमें से एक मामले में डाबड़ा गांव के खेतों में रखवाली कर रहे व्यक्ति ने गाड़ी का शीशा तोड़कर चालक को जिंदा बचा लिया था। अभी भी इन दोनों नहर पुलों पर सेफ्टी वॉल नहीं बनाई गई है।
ये हैं डेंजर प्वाइंट
- सिरसा चुंगी
- सिविल अस्पताल मोड़
- बस अड्डा
- गुरुद्वारा रोड मोड़
- पारिजात चौक बालसमंद रोड
- लक्ष्मीबाई चौक
- मटका चौक
- बैंक कॉलोनी के सामने डाबड़ा पुल से पहले
- डाबड़ा चौक
- एमसी कॉलोनी मोड़
- जिंदल चौक सूर्य नगर मोड़
- सेक्टर 9-11 मोड़
- जिंदल पुल सातरोड मोड़
- आजाद नगर पुल
- आजाद नगर बस स्टैंड
- महाराणा प्रताप चौक
- बरवाला चौक
- धांसू रोड मोड़
एक्सपर्ट की राय
रिटायर्ड ट्रैफिक एसएचओ अतर सिंह सरोहा का कहना है कि शहर में कई डेंजर प्वाइंट है। ऐसे प्वाइंटों पर संकेतांक और रिफ्लेक्टर लगाने जरूरी हैं। जिन नहरों पर सेफ्टी वॉल छोटी है या पूरी तरह कवर नही हैं उन्हें ठीक किया जाना चाहिए। वहां पर भी रिफ्लेक्टर लगाने चाहिए ताकि रात के अंधेरे में वाहन चालक हादसे से बच सकें।
साइन बोर्ड व रिफ्लेक्टर लगाने के लिए स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। जल्द ही इसका सर्वे पूरा हो जाएगा। वाहन चालकों से अपील है कि वे धुंध में पीली लाइट का प्रयोग करें व सावधानी पूर्वक ड्राइविंग करें।
- मंदीप सांगवान, इंचार्ज ट्रैफिक पुलिस