कन्या पाठशाला वाली मेन गली में जमा गंदे पानी से गुजरते लोग।
बरवाला। शहर में सोमवार दोपहर को कुछ मिनटों के लिए हुई बारिश से सड़कें लबालब हो गई हैं। बारिश से मुख्य मार्ग पर सड़क के दोनों तरफ जलभराव हो गया। वहीं कई गलियों व अनाज मंडी मार्ग पर जलभराव हो गया। इससे जनस्वास्थ्य विभाग की कार्य प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
एक सप्ताह पूर्व एसडीएम बरवाला डॉ. वेद प्रकाश ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें मानसून से पूर्व बरसाती पानी की निकासी के प्रबंध करने के बारे में जानकारी ली थी। उस दौरान पानी निकासी से संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया था कि उनके द्वारा पानी निकासी को लेकर पुख्ता प्रबंध हैं। ऐसे में अभी जब प्री मानसून भी शुरू नहीं हुआ और बारिश भी अधिक नहीं हुई है, तब ये हालात हैं तो इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासनिक अधिकारी बारिश का पानी निकासी की इस समस्या को लेकर कितने गंभीर हैं। क्षेत्रवासियों का तो यहां तक कहना है कि एक साल पूर्व तक भी जनस्वास्थ्य विभाग बरसाती पानी की निकासी को लेकर चार से पांच पंप का सहारा लेता था। अब जबकि कुछ ही समय पूर्व बरसाती पानी की निकासी के लिए लाखों रुपये खर्च कर नई लाइनें डाली गई हैं। शहर में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी निकासी को लेकर उन्हीं स्थानों पर लगातार पंप सेट चल रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही के कारण बिना प्लानिंग के कार्य करवाकर लाखों रुपये बर्बाद कर दिए। क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि मानसून से पूर्व बरसाती पानी की निकासी के ठोस इंतजाम करवाए जाएं।
फोटो कैप्शन-1. हल्की बरसात के बाद अनाज मंडी मार्ग पर जमा बरसाती पानी।