हिसार। शहर के कैमरी रोड पर आज काफी कॉलोनियां विकसित हो रही हैं, हालांकि इन लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ कॉलोनियों के लोगों की याद निगम को सिर्फ चुनाव के समय आती है, मगर जब यही लोग निगम से सुविधाओं की मांग करते हैं तो जवाब मिलता है कि वह निगम के दायरे से बाहर हैं।
बता दें कि वर्ष 2010 में नगर निगम का गठन किया गया था। निगम के गठन के समय काफी नई कॉलोनियों में निगम एरिया में शामिल किया गया था। निगम के शामिल किए जाने पर इन कॉलोनियों को एक उम्मीद बंधी कि अब यहां कुछ विकास होगा। मगर आज तक यह लोग विकास की सिर्फ बाट जोह रहे हैं।
बिजली के तारों को बलियों का सहारा
कॉलोनी के सभी लोगों के निगम में वोट बने हैं। चुनाव के समय उम्मीदवार वोट मांगने आते हैं। मगर सुविधा देने के नाम पर निगम हाथ खड़े कर लेता है। जवाब मिलता है कि आपका एरिया निगम में शामिल नहीं है। यहां सड़क, सीवर व पानी कुछ भी नहीं है। बिजली के तारें बलियों के सहारे बंधे हैं, मैंने 11 साल पहले कॉलोनी में मकान बनाया था। मैंने पीएमएवाई योजना के लिए आवेदन किया था। मगर मुझे योजना का लाभ इसलिए नहीं दिया गया कि यह एरिया निगम में नहीं आता। - सुभाष, राजा गार्डन, कैमरी रोड
हम नगर निगम के चुनाव में वोट डालने का अधिकार मिला हुआ है। मगर हमें निगम से कोई फायदा नहीं हो रहा है, क्योंकि निगम की तरफ से कोई भी सुविधा नहीं दी जा रही है। यहां न तो सड़क है और न ही सीवर है। सीवर की जगह कुई का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे कुछ दिनों बाद खाली करवाना पड़ता है, जिस पर करीब एक हजार रुपये खर्च आता है। - राम आसरे, देव नगरी, कैमरी रोड
बिजली के तारें लटक रहे हैं और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त भी हो चुके हैं। कॉलोनी में लगभग मकान बन चुके हैं, लेकिन अभी तक कुछ गलियों कच्ची पड़ी हैं। सीवर लाइन बिछाई हुई है, लेकिन सड़क बनाते समय उनमें जीटी नहीं लगाई गई। - पवन मास्टर, न्यू अमरदीप एक्सटेंशन वन, कैमरी रोड
मेरे घर से 100 मीटर की दूरी पर सड़क बनाई दी गई, लेकिन मेरे घर के आगे आज तक सड़क नहीं बनाई गई। थोड़ी सी बारिश होते ही कीचड़ हो जाता है। यहां कभी सफाई कर्मचारी भी नहीं आते। मजबूरी में हमें कूड़ा जलाना पड़ता है। - सुलतान सिंह, न्यू अमरदीप एक्सटेंशन टू, कैमरी रोड
यह कॉलोनी 10 साल पहले बसी थी। कॉलोनी में 50 प्रतिशत से ज्यादा घर बन चुके हैं। मगर आज तक कॉलोनी अवैध है। यहां सड़क, सीवर व पानी कुछ भी नहीं है। पानी के लिए कैंपर खरीदना पड़ता है। - जागीर, श्याम एनक्लेव, कैमरी रोड
आज भी वार्ड में कई कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां सड़क व सीवर नहीं है। कुछ कॉलोनियां ऐसी हैं, जिनके वोट तो निगम में बने हैं, लेकिन उन्हें निगम एरिया में शामिल नहीं किया गया। मेरी निगम प्रशासन व सरकार से मांग है कि इन कॉलोनियों को जल्द से जल्द वैध करके इनमें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। - डॉ. महेंद्र जुनेजा, पार्षद