हांसी। शहर में फॉगिंग करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नाममात्र दवा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके चलते फॉगिंग का कार्य बार-बार बंद करना पड़ रहा है। नगर परिषद को चार दिन पहले 5 लीटर दवा दी गई थी। इतनी दवा से केवल दो दिन ही फॉगिंग हो सकी। जिसके बाद शुक्रवार को फॉगिंग का कार्य फिर से बाधित रहा।
बीते दिनों हुए जलभराव के बाद मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए लोग लगातार फॉगिंग की मांग कर रहे हैं। हालांकि नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि वह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से 25 लीटर दवा की मांग कर चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक बार में केवल 5 लीटर दवा उपलब्ध करवाई जा रही है। पिछले सप्ताह दवा खत्म होने के कारण तीन दिन फॉगिंग बंद रही। इस सप्ताह बुधवार व वीरवार को फॉगिंग की गई। दवा खत्म होने पर शुक्रवार को फिर से फॉगिंग बंद कर दी गई। नागरिक अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों को शुक्रवार को 5 लीटर की दवा हिसार के जिला अस्पताल से लाए हैं। इसे शनिवार या सोमवार को नगर परिषद के कर्मचारियों को सौंपा जाएगा। जिसके बाद फॉगिंग का कार्य फिर से शुरु होगा। वहीं इतनी कम संख्या में दवा मिलने पर फॉगिंग का कार्य बाधित हो रहा है।
अब तक आधे शहर में हुई फॉगिंग
फॉगिंग का जिम्मा नगर परिषद के पास है, जबकि इसके लिए दवा स्वास्थ्य विभाग मुहैया करवाया है। फॉगिंग के लिए पायरीथर्म दवा का उपयोग किया जाता है। एक लीटर दवा में करीब 19 लीटर डीजल मिलाया जाता है। जिसके बाद मशीन के बाद से फॉगिंग का कार्य होता है। अब तक करीब आधे शहर में फॉगिंग हुई है। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार शहर में वार्ड 1, 7, 25, 26, 22, 20, 11, 12, 13, 14, 9, 10, 2 व 16 के अधिकांश हिस्सों में एक बार फॉगिंग हो चुकी है। फॉगिंग करीब डेढ़ महीने तक की जानी है।
वर्जन
फॉगिंग के लिए हमने 25 लीटर दवा मांगी थी, लेकिन हमें केवल 5 लीटर दवा ही मिली। दवा खत्म होने से फॉगिंग का कार्य रोकना पड़ता है। बार बार दवा स्वास्थ्य विभाग से मांगनी पड़ रही है।- संजय कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद, हांसी।
फॉगिंग के लिए दवा हमारे पास है। दवा जरूरत के हिसाब से दी जा रही है। आमजन से भी अपील है कि अपने घरों के आस पास खड़े पानी में काला तेल डाल दें। इससे उसमें फिल्म बन जाएगी। जिससे मच्छर वहां नहीं पनपेंगे। बाकी आस पास साफ सफाई रखें - डॉ़ सुभाष खतरेजा, मलेरिया प्रभारी, हिसार।