उन्होंने कहा कि अधिकतर नागरिक डेबिट, क्रेडिड कोर्ड, नेट बैंकिंग, यूपीआई आदि बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। इन सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले नागरिक को इस बात की जानकारी अवश्य होनी चाहिए कि ऑनलाइन धोखाधड़ी कैसे होती है। ऑनलाइन धोखाधड़ी में साइबर अपराधी द्वारा गैर कानूनी ढंग से किसी के भी बैंक अकाउंट से पैसा निकालना या ट्रांसफर करना है। यह तब संभव हो सकता है जब साइबर अपराधी द्वारा आपकी बैंक डिटेल या कार्ड डिटेल सहित आपकी निजी जानकारी चोरी से हासिल कर सकता है।
हाल ही में पुलिस के पास एक शिकायत आई कि पीड़िता के पास एक अनजान कॉलर ने वीडियो कॉल की और उसके बाद पीड़िता के साथ एक वीडियो सांझा किया। पीड़ित पर लगातार दबाव बनाकर जबरन वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं। अपराधी सार्वजनिक प्रदर्शन या अन्य हानिकारक परिणामों की धमकी देकर पीड़िता को नुकसान पहुंचा रहे हैं। दूसरी शिकायत में एक महिला के पास एक फोन आया और कॉलर के कहा कि इसके पति ने उसका नंबर दिया है। इस तरह बातों में उलझा एक झूठा मैसेज भेज कहा कि आपके खाते में पैसे आ गए है। जिस पर महिला ने बिना वेरिफाई कई कॉलर के पास यूपीआई के जरिये रुपये दिए।