हिसार। शहर की सड़कों और गलियों में चारों ओर कचरा सड़ रहा है। सड़ते कचरे की बदबू अब लोगों के घरों तक पहुंच रही है। नागरिक अपने घरों के दरवाजे बंद करने को मजबूर हैं। पहले गीला-सूखा कचरा अलग कर स्वच्छता में सहयोग देने वाले लोग अब खुले में सड़क पर कचरा फेंक रहे हैं। स्वच्छ हिसार का स्लोगन अब केवल दीवारों तक ही सीमित रह गया है।
निगम आयुक्त नीरज ने कहा कि पुलिस की मदद से उठवाएंगे। कचरा शहर में लगभग 1470 टन कचरा सड़ रहा है। इस स्थिति ने लोगों को गंदगी में रहने को मजबूर कर दिया है। शहर का ऐसा कोई हिस्सा नहीं बचा जहां कचरे के ढेर न लगे हों। शहर के सामाजिक संगठन सरकार से हड़ताल समाप्त करने की गुहार लगा रहे हैं, ताकि व्यवस्था सुधारी जा सके।
आजाद नगर व्यापार मंडल के प्रधान मांगेराम खिचड़ ने कहा कि आजाद नगर में चारों ओर कचरा फैला हुआ है। यदि सरकार ने जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो स्थिति और बदतर होगी। अब इस कचरे के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों से समाधान कराने के बजाय लोगों को परेशान होने के लिए छोड़ रही है।
नगर निगम के कर्मचारी सातवें दिन भी निगम गेट पर धरना देकर नारेबाजी करते रहे। नगर पालिका कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुरेंद्र उर्फ गोलू ने बताया कि 1100 कर्मचारी पूरी तरह हड़ताल पर हैं। डोर टू डोर कर्मचारी भी धरने में शामिल हैं। ठेकेदार टेंडर की शर्तें पूरी नहीं कर रहे हैं। कर्मचारियों को पूरा वेतन और ईएसआई-पीएफ का भुगतान नहीं किया जा रहा है। डोर टू डोर कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा। प्रदेश इकाई के आहवान पर हड़ताल को चार दिन बढ़ा दिया गया है।
सड़कों पर फैले कचरे के कारण लोग अब घरों का कचरा भी सड़क पर डाल रहे हैं। कोई भी सड़क साफ नहीं बची है। घर तक पहुंचने के लिए लोग नाक पर रुमाल रखने को मजबूर हैं।
हाईकोर्ट केस की फाइल लेने आए एएमसी
नगर निगम के मुख्य परिसर के गेट पर सातवें दिन भी ताला लगा रहा। सहायक निगम आयुक्त वीरेंद्र सहारण परिसर में फाइल लेने पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों ने रोक दिया। कर्मचारियों ने बाद में गेट खोलकर उन्हें अंदर जाने दिया और एएमसी फाइल लेकर लौट गए।
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ऐसे हालात नहीं बनने चाहिए। शहर को स्वच्छ रखना हर व्यक्ति का दायित्व है। लोग घरों में सड़ रहे कचरे को अब सड़कों पर फेंक रहे हैं। कोई भी सड़क साफ नहीं बची। हर सड़क पर कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं। घर तक पहुंचने के लिए लोग नाक पर रुमाल रखने को मजबूर हो रहे हैं।
- सतपाल ठाकुर, प्रधान, पीएलए सेक्टर, हिसार।
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ऐसे हालात नहीं बनने चाहिए। शहर को स्वच्छ रखना हर व्यक्ति का दायित्व है। प्रदेश सरकार को कर्मचारियों की बात सुनकर उसका समाधान करना चाहिए। अगर सरकार समाधान नहीं निकाल पा रही है तो लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए।
- योगराज गर्ग, प्रधान, आरडब्ल्यूए 15, हिसार
सेक्टरों की हालत काफी खराब हो चुकी है। पहले लोगों में स्वच्छता को लेकर अच्छी आदत थी। हर घर से गीला और सूखा कचरा अलग करके गाड़ी में डाला जाता था। अब शहर का ऐसा बुरा हाल देख कर बहुत दुख हो रहा है। कोठियों के गेट पर कचरा सड़ रहा है।
- प्रवीण सिंगल, प्रधान, आरडब्ल्यूए सेक्टर 14, हिसार
जब कर्मचारी हड़ताल पर हों तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह समस्या का समाधान करे और हड़ताल खत्म कराए। इस तरह से शहर को कचरे की स्थिति में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। लोग गंदगी के बीच रहने को मजबूर हो रहे हैं। शहर की सड़कों पर चारों ओर कचरा ही कचरा नजर आ रहा है।
- सत्यवान पानू, पार्षद, वार्ड 19
सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण चारों ओर कचरा फैल गया है। शुक्रवार को पुलिस को पत्र लिखकर पुलिस की मदद से कचरा उठवाया जाएगा। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
- नीरज, निगम आयुक्त, हिसार।