हिसार। मॉडल टाउन के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में घुसकर सोमवार दोपहर को कुछ लड़कों ने एक छात्र पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इसके बाद हमलावर मौके से भाग गए। हमले में घायल हुए छात्र को जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उधर सूचना पाकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
न्यू महावीर कॉलोनी निवासी विपिन ने बताया कि मैं गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल मॉडल टाउन में 11वीं कक्षा में पढ़ता हूं। सोमवार को परीक्षा खत्म होने के बाद मैं स्कूल के बाहर खड़ा था। इसी बीच 6-7 लड़कें बाइक व पैदल वहां आए। उनके हाथों में गंडासी व बिंडे थे। उन्होंने मुंह पर कपड़ा बांधा हुआ था। मुझे देखकर हमलावर बोले कि ये ही है वो। इसके बाद मैं स्कूल के अंदर घुस गया। मगर हमलावर भी स्कूल के अंदर घुस गए और मुझ पर हथियारों से हमला कर दिया। इसके बाद सभी हमलावर वहां से भाग गए। इस हमले में मुझे सिर, हाथ व पीठ में चोटें आई हैं। इनमें एक हमलावर मेरे ही स्कूल में पढ़ता है, जबकि एक उसका भाई था और अन्य लड़कों को मैं नहीं जानता।
छात्र के पिता पीएलए मार्केट में दर्जी का करते हैं काम
छात्र के पिता प्रेमसुख पीएलए मार्केट में दर्जी का काम करते हैं। पिता ने बताया कि मेरे बेटे पर आरोपियों ने बेवजह से हमला किया, जबकि उसका इनसे कोई लेना-देना ही नहीं था। जिस मामले में लड़कों ने मेरे बेटे पर हमला किया है, वह मामला किसी और से जुड़ा हुआ है। जांच अधिकारी विजयपाल ने बताया कि अभी घायल के बयान दर्ज किए जाएंगे। बयान के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल में बन गया दहशत का माहौल
उधर इस घटना के बाद स्कूल में दहशत का माहौल बन गया। स्कूल प्रशासन ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि स्कूल के बाहर स्थायी रूप से पीसीआर तैनात की जाए या फिर राइडर यहां गश्त करें ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हिंसक हो रहे बच्चे
- 10 जुलाई 2025 को बास के एक प्राइवेट स्कूल में दो छात्रों ने स्कूल संचालक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। स्कूल संचालक ने वारदात से कुछ दिन पहले आरोपी छात्रों को अन्य छात्रों के सामने अनुशासन को लेकर डांटा था, जिससे दोनों छात्र स्कूल संचालक से रंजिश रखने लगे थे।
- 29 मई 2025 को हिसार कैंट के पास सहपाठी ने एक नौवीं कक्षा के एक छात्र दीक्षित की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दोनों के बीच कभी बैंच पर बैठने को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी छात्र इसी रंजिश में दीक्षित को जान से मारने की धमकी दे रहा था।
इन कारणों से बच्चे हो रहे हैं हिंसक
बच्चों में हिंसात्मक व्यवहार के पीछे मुख्य रूप से तनावपूर्ण पारिवारिक माहौल, भावनात्मक नियंत्रण की कमी, और मीडिया में हिंसा का प्रदर्शन होता है। छोटे बच्चे अपनी हताशा व्यक्त करने का सही तरीका नहीं जानते, जिससे वे आक्रामक हो जाते हैं। इसके अलावा, माता-पिता की व्यस्तता, पारिवारिक झगड़े, अकेलेपन और आक्रामक वीडियो गेम व फिल्मों का अत्यधिक प्रभाव भी उन्हें हिंसक बना रहा है। बच्चों को हिंसक व्यवहार से बचाने के लिए, माता-पिता को उनके साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताना चाहिए। उनकी भावनाओं को समझना चाहिए और उन्हें अपनी बात सही तरीके से रखना सिखाना चाहिए। घर में शांतिपूर्ण माहौल और प्यार भरा व्यवहार बच्चे को शांत करने में मदद करता है।
- डॉ. शालू बूरा, मनोवैज्ञानिक, जिला नागरिक अस्पताल।