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54 दिन बाद वापस पहुंचे बच्चे आश्रम

Mon, 09 Nov 2015 12:43 AM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
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कैमरी आश्रम से जेजे एक्ट का हवाला देकर ओपन शेल्टर होम व शैशवकुंज में शिफ्ट किए गए 46 बच्चे आखिरकार 54 दिन बाद प्रशासन ने वापस भेज दिए हैं।
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सीडीपीओ परिणीता गोस्वामी ओपन सेल्टर होम व शैशवकुंज में बारी बारी कर शाम करीब चार बजे प्रशासन के ऑर्डर लेकर पहुंची। उन्होंने सभी बच्चों को शैशवकुंज से वापस भेज दिया।

आश्रम में बच्चों की वापसी को लेकर खुशी का माहौल है। बच्चों की आगमन की सूचना पर आश्रम की बस शैशवकुंज पहुंची। वहां से उन्हें ढोल नगाड़ों के साथ वापस आश्रम तक लाया गया।
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नन्हें बच्चे वापस अपने घर जाने की खुशी में झूम उठे। उनके स्वागत में आश्रम में पटाखे फोड़े गए। जैसे ही लड़के व लड़कियां आश्रम पहुंचे वे बाबा दयालदास से लिपट गए। बाबा दयालदास व बच्चे एक दूसरे को देखकर फफक पड़े।

आश्रम में बंटे लड्डू , राजदास ने की फेसबुक अपडेट- लिखा सत्य जीत गया, झूठ हार गई
आश्रम में बच्चे वापस लौटने के बाद दिवाली सा माहौल था। बच्चे मानों घर वापसी कर गए। उन्हें खुशी थी कि वे अपने घर जाकर दिवाली का त्योहार मनाएंगे।

आश्रम पहुंचने के बाद आश्रम समर्थकों ने फेस बुक अपडेट की और बाबा राजदास की फेसबुक पर फोटो व कमेंट टैग कर दिए गए। जिसमें लिखा था कि आखिर सत्य जीत गया और झूठ हार गई।

एक महीने में पूरी करेंगे 12 शर्तें, दिया शपथ पत्र
प्रशासन को आश्रम की तरफ से शपथपत्र दिया गया है। आश्रम प्रबंधन ने इस शपथपत्र में लिखा है कि वे जेजे एक्ट के तहत सभी नॉर्म एक महीने के अंतराल में पूरे कर लेंगे।

इसके अलावा जिन लोगों का एफआईआर में नाम हैं उन्हें आश्रम में प्रतिबंधित करने के लिए भी लिखा गया है।

कमेटी की रिपोर्ट पर हुए बच्चे शिफ्ट
आश्रम प्रकरण के बाद बच्चों को वापस भेजने को लेकर प्रशासन पर काफी राजनीतिक दबाव बना था। जिसके बाद प्रशासन ने एसडीएम अशोक बंसल के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई थी। कमेटी की रिपोर्ट के बाद बच्चों को वापस भेजा गया।
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सुजीत बोले, सीपीएस ने निभाया वादा
ओपन सेल्टर होम व शैशवकुंज से बच्चे शिफ्ट किए जाने के दौरान बीजेपी जिला महामंत्री सुजीत भी मौके पर थे। उन्होंने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता के प्रयासों से यह संभव हो पाया है।

सीपीएस ने अपना वादा निभाया है। उन्होंने कहा कि डॉ. गुप्ता ने एक सप्ताह के अंदर लड़कियों व लड़कों को वापस आश्रम भेजने का वादा किया था।

उन्होंने कहा कि इस मामले में गलत कदम उठाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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