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Hisar News: मर्चेंट नेवी में नौकरी के नाम पर युवाओं से धोखाधड़ी, सीएम फ्लाइंग ने बीएएमएस डॉक्टर सहित चार पकड़े

Sun, 24 Sep 2023 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हिसार। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने शनिवार सुबह 11.30 बजे संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए कैंप चौक के स्थित तारा अस्पताल पर छापा मारा। वहां पर मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलवाने के नाम पर 15 युवाओं के मेडिकल प्रमाण पत्र बनाए जा रहे थे। टीम ने बीएएमएस चिकित्सक नरेश सिंधु के अलावा चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। देर रात तक अर्बन एस्टेट थाना पुलिस की जांच जारी थी। पुलिस की तरफ से दस्तावेज जांचे जा रहे थे।
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सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड ने मर्चेंट नेवी में भर्ती के नाम पर युवाओं से हो रही धोखाधड़ी के बड़े फ्रॉड का खुलासा किया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते टीम में एएसआई राजेंद्र कुमार, मेडिकल ऑफिसर राहुल की मौजूदगी में टीम ने शनिवार को कैंप चौक स्थित तारा अस्पताल में छापा मारा। अस्पताल में दाहिमा निवासी विशाल, सातरोड निवासी बादल, सुलखनी निवासी ममता, ब्याना खेड़ा निवासी मीनाक्षी, चौधरीवास के सन्नी, विकास, नारनौंद की रहने वाली स्नेहा आदि को यहां मेडिकल के लिए बुलाया हुआ था।
मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने आए युवाओं ने बताया कि लिखित परीक्षा देने के बाद जयपुर की तरफ से फोन कर शनिवार को शहर के कैंप चौक पास स्थित तारा अस्पताल में बुलाया था। यहां पहुंचने के बाद उक्त मर्चेंट नेवी कंपनी की तरफ से राजस्थान के बीकानेर निवासी राम सिंह मेडिकल जांच करवाने आए हर युवा से 2250 रुपये ले रहा था। युवाओं को जन सेवा डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम से रसीद दी। मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने आए दाहिमा गांव के रहने वाले एक युवा से अस्पताल के अंदर कार्यरत एक कर्मचारी ने चार लाख रुपये की डिमांड की। उसने कहा कि चार लाख रुपये देने के बाद ही नौकरी मिलेगी। वहां पर मौजूद युवाओं ने बताया कि मर्चेंट नेवी में नौकरी लगने के नाम पर जब बात की गई तो सभी को यहीं कहा गया था कि लिखित परीक्षा के बाद सीधे नौकरी मिल जाएगी। अपने आप को मर्चेंट नेवी का कर्मचारी बताने वाले कह रहे हैं कि ट्रेनिंग के बाद ही नौकरी मिलेगी। ट्रेनिंग के नाम पर 3 से 5 लाख रुपये की डिमांड कर रहे हैं। रुपये मांगने के बाद अभिभावकों को उन लोगों को शक हुआ। इस संबंध में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम को शिकायत दी।
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ऐसे हुआ खुलासा
सातरोड निवासी बादल ने बताया कि अगस्त महीने में उसके पास कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने बताया था कि वह मर्चेंट नेवी इंस्टीट्यूट, ट्रेनिंग सेंटर ऑरिक इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल एंड क्रूज मैनेजमेंट जयपुर से बोल रही है। मर्चेंट नेवी में नौकरी लगना है क्या? महिला ने कहा कि मर्चेंट नेवी की लिखित परीक्षा पास करने के बाद सीधे नौकरी मिल जाएगी। 10 सितंबर को आजाद नगर स्थित एक निजी स्कूल में होगी। उसे 10 सितंबर को परीक्षा के लिए बुलाया गया। जहां दो शिफ्ट में करीब दो हजार युवाओं ने लिखित परीक्षा दी।
ये सुलगते सवाल
बीएएमएस चिकित्सक मेडिकल कैसे बना रहा था?
दस सितंबर को लिखित परीक्षा किस संस्था ने ली?
क्या सभी के साथ धोखाधड़ी हो रही ?
2250 रुपये की रसीद पर फर्जी नाम क्यों लिखा था ?
परीक्षा लेने वाले और मेडिकल करवाने वाला व्यक्ति एक ही कैसे?
मर्चेंट नेवी की ट्रेनिंग के नाम पर 3 से 5 रुपये क्यों मांगे ?


अभ्यार्थियों ने उनके साथ धोखाधड़ी की आशंका जताई है। एक अभ्यर्थी की तरफ से शिकायत मिली है। जिसके आधार पर केस दर्ज कर रहे हैं। अभी चिकित्सा विभाग से रिपोर्ट नहीं मिली है।
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- गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक, हिसार
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