हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंगलेश चौबे की अदालत ने तंत्र विद्या और ब्लैकमेलिंग से जुड़े चर्चित मामले में फंसी महिला इंस्पेक्टर के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई अब 9 जुलाई को होगी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस विभाग ने आरोपी महिला इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया था।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार 9 जून 2025 को आजादनगर थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि महिला इंस्पेक्टर ने तंत्र-मंत्र के जरिए शहर के एक प्रॉपर्टी डीलर को अपने प्रभाव में लेकर उससे शारीरिक संबंध बनाए। महंगे उपहार लिए और बाद में ब्लैकमेल कर लाखों रुपये ऐंठे।
तत्कालीन एसपी शशांक कुमार सावन ने मामले की जांच डीएसपी सुनील कुमार को सौंपी थी। जांच के बाद पुलिस ने 1 अप्रैल को अदालत में करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें दोनों के बीच हुई चैट, कॉल डिटेल, वॉइस रिकॉर्डिंग और अन्य वैज्ञानिक व डिजिटल साक्ष्य शामिल किए गए हैं।
शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया था कि उसके पति प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। वर्ष 2023 में जमीन खरीद से जुड़े एक मामले के बाद महिला इंस्पेक्टर का घर आना-जाना शुरू हुआ। आरोप है कि इसके बाद उसने तांत्रिक क्रियाओं के जरिए उसके पति को अपने प्रभाव में लेकर विभिन्न शहरों में घुमाया और लगातार रुपये की मांग करती रही।
पुलिस ने चार्जशीट में यह भी शामिल किया है कि महिला इंस्पेक्टर पर जांच के दौरान कॉलोनाइजर को केस में फंसाने की धमकी देकर आर्थिक फायदा उठाने और उपहार व अन्य सामान लेने के आरोप हैं। इन उपहार और सामान की तस्वीरें भी चार्जशीट का हिस्सा हैं।