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डॉक्टर हो चुका था फरार, पुलिस ने परिजनों को 5 घंटे बरगलाया, गुस्सा फूटा तो अस्पताल पर किया पथराव

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हिसार। सात वर्षीय पार्थ की मौत के मामले में उसके परिजन सुबह लगभग 11 बजे मान आई अस्पताल के बाहर एकत्रित होना शुरू हो गए थे। कुछ देर बाद ही अस्पताल के बाहर डीएसपी जोगिंद्र शर्मा और डीएसपी नारायण चंद के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात हो गया था। परिजन डॉक्टर की गिरफ्तार की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस उन्हें अंदर बात चल रही है, कहकर कभी आधा घंटा तो कभी एक घंटा की बात कहते रहे। इस पर परिजनों में रोष बढ़ता गया।
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करीब 4 बजे परिजनों को इस बात का अहसास हो गया कि डॉक्टर मौके से फरार हो गया है, बल्कि परिजनों ने तो पुलिस पर ही उसे भगाने का आरोप तक लगाया। आखिरकार परिजनों का गुस्सा फूट गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी और पथराव भी किया। इसके अलावा पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। कुछ परिजन कैंप चौक पर पहुंच गए और चौक व अस्पताल के सामने कैमरी रोड जाम कर दिया। स्थिति बेकाबू होते देख अधिकारियों ने एसपी को सूचित किया, जिसके बाद करीब 6 बजे एसपी बलवान सिंह राणा मौके पर पहुंचे। उनके साथ एडीसी अनीश यादव, एएसपी उपासना, डीएसपी भारती डबास भी पहुंचे।
एसपी ने कहा- तुम्हारा बेटा, मेरा बेटा, मैं उसे न्याय अवश्य दिलवाऊंगा
एसपी बलवान सिंह राणा ने मृतक बच्चे की माता-पिता को बोला कि तुम्हारा बच्चा, मेरा बच्चा, मैं इसे इंसाफ जरूर दिलवाऊंगा। जो भी दोषी है, उसे सजा अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि मामले में जांच कर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
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पूरा परिवार और मोहल्लावासी पहुंचे
घटना का पता चलते ही न केवल मोहित का पूरा परिवार, बल्कि मोहल्लावासी और आमजन भी इकट्ठा हो गए और अस्पताल के बाहर नारेबाजी करते हुए डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इसके बाद अस्पताल की ओर से पुलिस को मौके पर बुलाया गया। रोष बढ़ता देख डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक कुमार, डीएसपी जोगिंद्र शर्मा, डीएसपी नारायण चंद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने रोष स्वरूप अस्पताल के बाहर गमलों व लाइटों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
क्या बुलाया गया था डॉ. सिद्धार्थ को, जांच जारी
मौके पर मौजूद मृतक पार्थ के परिजनों ने बताया कि किसी भी बच्चे की 18 वर्ष की उम्र पूरी होने से पूर्व आंखों का ऑपरेशन नहीं हो सकता। यह जानते हुए भी मान अस्पताल के डॉक्टर ने उसका ऑपरेशन करने की बात कही। उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन डॉक्टर को नहीं करना आता था, इसलिए उसने परिजनों को कहा था कि इसके लिए वह अन्य जगह से डॉक्टर सिद्धार्थ को बुलाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां डॉ. सिद्धार्थ नहीं पहुंचे, लेकिन कागजों में डॉ. सिद्धार्थ की एंट्री दिखाई गई। यह ऑपरेशन डॉ. मान ने स्वयं करने का प्रयास किया तो एनेस्थीसिया की ओवरडोज से बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने एसपी से अस्पताल की सीसीटीवी डीवीआर कब्जे में लेने की मांग की।
अस्पताल पर भीड़ ने बरसाए ईंट-पत्थर
सुबह से शाम तक पुलिस की ओर से डॉक्टर की गिरफ्तारी न होता देख अस्पताल के बाहर जमा भीड़ उग्र होने लगी। इस बीच कुछ देर के लिए लोगों ने कैंप चौक के बीचोंबीच धरना भी दे दिया। जिस कारण आईजी चौक से कैंप चौक तक भारी जाम लग गया। मौके पर पहुंच ट्रैफिक पुलिस ने रास्ते को डायवर्ट करवाया। इसके बाद वहां से धरना समाप्त कर ये लोग मान अस्पताल के बाहर पहुंचे। इस दौरान भीड़ में से ही किसी ने पहले एक पत्थर उठाकर अस्पताल की ओर फेंका। इसके बाद एक के बाद एक कर भीड़ ने पत्थरों की बरसात कर दी। इस पर पुलिस ने उन पर हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा। कुछ देर बाद मौके पर एसपी बलवान सिंह राणा पहुंचे और परिजनों को डॉक्टर की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर परिजनों को बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी किया। इसके बाद शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह भिजवाया गया। पोस्टमार्टम शनिवार सुबह किया जाएगा।
32 हजार रुपये करवाए थे जमा
पार्थ के दादा सुभाष वधवा ने बताया कि पार्थ को भैंगेपन की शिकायत थी, जिस कारण उसका ऑपरेशन होना था। उसे लेकर अस्पताल में 32 हजार रुपये नकद भी जमा करवा दिए थे। सुभाष वधवा का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही ने उसके पोते की जान ले ली। सुभाष ने बताया कि उसके दो पोते सात वर्षीय पार्थ और चार वर्षीय चार्विक में से अब चार्विक ही रह गया है। सुभाष वधवा का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें सुबह से शाम तक गुमराह किया गया।
एसपी बोले - बेवकूफ हैं ये बदतमीज हैं
एसपी बलवान सिंह राणा से जब परिजनों ने कहा कि आप बताओ कि कितनी देर में गिरफ्तार करोगे तो इस पर एसपी ने अपने पुलिस कर्मचारियों के बारे में कहा कि बेवकूफ हैं ये बदतमीज हैं। मुझे अभी पता चला कि डॉक्टर सुबह ही पिछले रास्ते से फरार हो गया था, जब डॉक्टर फरार हो चुका था तो वार्ता किससे की जा रही थी। एसपी के मौका स्थल पहुंचने से पूर्व इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के कुछ सदस्य भी एसपी कार्यालय पहुंचे थे।
क्या हम आतंकवादी हैं
हंगामे के दौरान मृतक पार्थ के परिजनों में से एक युवक ने पुलिस को लापरवाह बताते हुए खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान उसने पुलिस कर्मियों को भारी भीड़ के बीच कहा कि क्या हम आतंकवादी हैं, जो इतना पुलिस बल यहां तैनात किया गया। इस दौरान उसने यह भी कहा कि मौके पर तमाशबीन बने पुलिसकर्मियों को रात को चैन की नींद नहीं आ सकेगी। उसने पुलिस को कहा कि आदेशों के दबाव में पुलिस डॉक्टर को बचाने का प्रयास कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज परिजनों को दिखाई जाए : राड़ा
हंगामे के दौरान मौके पर मौजूद कांग्रेस नेता रामनिवास राड़ा ने एसपी से कहा कि अस्पताल से डॉक्टर सहित इलाज के दौरान मौजूद करीब 10 लोग आसानी से कैसे फरार हो सकते हैं। उन्होंने एसपी से सीसीटीवी फुटेज परिवार को दिखाने को कहा, ताकि सच्चाई सामने आ सके कि डॉक्टर को फरार करवाने में किसने मदद की। मृतक पार्थ के परिजनों ने भी डॉक्टर की गिरफ्तारी से पूर्व पार्थ के शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। एसपी के आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए माने। इस दौरान फैसला लिया गया कि मामले में जब तक जांच नहीं हो जाती तब तक अस्पताल को सील कर दिया जाएगा। परिजनों की यह भी मांग थी कि मृतक पार्थ का पोस्टमार्टम रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई में करवाया जाए, ताकि स्पष्ट हो सके कि उसकी मौत की असली वजह क्या थी। इस पर एसपी ने पहले मना किया बाद में परिजनों को आश्वासन दिया कि शव के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। उसके बाद परिजन संतुष्ट हुए।
एसपी थे पत्रकारवार्ता में, कहा था- अरे जल्दी भेजो पुलिस, डॉक्टर का बार-बार फोन आ रहा है
ऐसा नहीं था कि एसपी इस मामले से अनभिज्ञ थे। जिस समय अस्पताल के बाहर परिजन जमा थे, उस समय एसपी बलवान सिंह राणा अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर रहे थे। उनका कई बार फोन बजा और उन्होंने बात भी की। इस बीच उन्होंने अपने पीआरओ विकास को कहा - अरे विकास वहां अस्पताल में जल्दी पुलिस भेजो, डॉक्टर का बार-बार फोन आ रहा है।
अस्पताल के खिलाफ केस दर्ज
पीएलए चौकी पुलिस ने इस मामले में मृतक पार्थ के पिता मोहित वधवा की शिकायत पर अस्पताल के खिलाफ धारा 304, 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया है और अस्पताल को सील कर दिया गया है।

हंगामे के दौरान कैंप चौक पर बैठकर रोड जाम करते परिजन।- फोटो : Hisar

गमगीन मृतक बच्चे पार्थ की मां।- फोटो : Hisar

मान आई अस्पताल व उसके बाहर जमा परिजनों की भीड़। - फोटो : Hisar

हंगामे के दौरान अस्पताल पर ईंट फेंकता युवक।- फोटो : Hisar

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