हिसार के गांव मय्यड़ में आयोजित भाईचारा सम्मेलन में मौजूद विभिन्न स्थानों से पहुंचे लोग।
हिसार। कोहाड़, नागल, जाटान गोत्र का पहला भाईचारा सम्मेलन रविवार को गांव मय्यड़ में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित एक निजी परिसर में हुआ। इस सम्मेलन में विभिन्न गांवों से आए लोगों ने सहमति संबंध कानून में बदलाव कर प्रेम विवाह में माता-पिता की सहमति अनिवार्य करने की मांग की।
किसान नेता जोगिंदर मय्यड़ ने बताया कि हमारे ये तीनों गोत्र एक ही हैं और करीब 70 गांवों में हमारा भाईचारा मिला। इनके मिलन की शुरुआत राजली के युवा साथी प्रदीप कोहाड़ और सिसाय के युवा साथी विजय कोहाड़ ने जनवरी में की। उन्होंने एक ग्रुप बनाया और वह भाईचारे को जोड़ते चले गए। इससे बिखरे पड़े तीनों गोत्र के भाईचारे के लोग पहली बार सैकड़ों की संख्या में इस बैठक में पहुंचे।
मय्यड़ गांव के सारे भाइयों ने मिलकर बाहर से आए भाइयों की मेजबानी की। सम्मेलन में सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए सुझाव दिए गए। सभी व्यक्तियों ने कहा कि सबसे पहला कदम अपने बच्चों को शिक्षित करना है क्योंकि आने वाली पीढ़ी अगर अच्छी मजबूत शिक्षा लेगी तो इस देश में बढ़ रहे पाखंड और उस पाखंडवाद का विरोध करेगी।
जोगिंदर ने बताया कि इस बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए ताकि बच्चे नशे से दूर रहें। बच्चों के पढ़ने के लिए हर गांव में पुस्तकालय की व्यवस्था करवाई जाए। गांवों को साफ रखा जाए और हर गांव में अधिक पौधे लगाए जाएं ताकि प्राकृतिक असंतुलन सुधर सके। अगले सम्मेलन में संगठन का विस्तार किया जाएगा।
इस मौके पर किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़, पत्रकार प्रियंका कोहाड़, विकास सरपंच मय्यड़, सत्यवान कोहाड़, कुलदीप भकलाना, बबल प्रधान बड़वासनी, मास्टर महेंद्र सिंह, रणबीर नागल एमडी, विजेंद्र राजपुरा, मास्टर सतीश कोहाड़ आदि लोग मौजूद थे।