चानौत विवाद का समाधान केवल बातचीत और आपसी सहमति से ही संभव है। मुख्यमंत्री और धरना कमेटी के बीच हुई पहली बैठक के बाद समाधान की उम्मीद जगी थी। उस समय कमेटी के कई सदस्यों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई थीं लेकिन कुछ कारणों से सहमति नहीं बन पाई। यह बात राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने अमृत सरोवर योजना की लॉन्चिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित कर लोकतांत्रिक तरीके से विवाद को समाप्त किया जाना चाहिए। धरना स्थल पर किसान नेताओं के बीच हुई हाथापाई की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए बराला ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
उन्होंने कहा कि टी-कनेक्शन लगाने और बाद में हटाने के मामले के बाद हुई राजनीतिक बयानबाजी से विवाद और बढ़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी ने कानून का उल्लंघन किया है तो सरकार नियमानुसार कार्रवाई करेगी।