हिसार। शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) की तरफ से 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक की 19 तरह की वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। अगर कोई व्यक्ति इन वस्तुओं का निर्माण, विक्रय या इस्तेमाल करता है तो उसका चालान किया जाएगा। इस नियम को लागू होने में अब सिर्फ एक ही दिन शेष है, लेकिन अभी तक निगम ने अधिकारियों को चालान बुक उपलब्ध नहीं कराई है। अब बिना चालान बुक के अधिकारी किस तरह से चालान करेंगे, जबकि यूएलबी ने विभिन्न विभागों के 18 अधिकारियों को चालान करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
एसयूपी एप से मिलेगी पूरी जानकारी
नगर निगम के मुख्य सभागार में बुधवार को शहर के विभिन्न होल सेल व रिटेल व्यापारियों के साथ अतिरिक्त निगम आयुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा ने बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एसयूपी सीपीसीबी एप बनाई गई है। इस एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर ले। इस एप के माध्यम से कौन सा सिंगल यूज प्लास्टिक बैन है और कितने माइक्रोन का प्लास्टिक यूज कर सकते हैं, ये सभी प्रकार की जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी व्यापारियों के पास प्रदूषण बोर्ड से सर्टिफिकेट और व्यापार के लिए रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। नगर निगम की टीम जब चालान के लिए आए तो व्यापारी उन्हें संपूर्ण दस्तावेज दिखा सके।
वहीं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक सुनील श्योराण ने व्यापारियों को बताया कि सरकार ने कितने माइक्रोन तक के सिंगल यूज प्लास्टिक की अनुमति दी है और कौन से पूर्णतया बैन है। बता दें कि प्रदेश सरकार ने 25 फरवरी को अधिसूचना जारी की थी। इस अधिसूचना के अनुसार एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक की 19 आइटमों व 75 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले पॉलिथीन के विनिर्माण, विक्रय, वितरण भंडारण, परिवहन व उपयोग पर रोक रहेगी।
इन प्लास्टिक की वस्तुओं पर बैन : सिंगल यूज प्लास्टिक के बने ईयर बड, बैलून स्टिक, झंडे, लॉलीपॉप की स्टिक, आइसक्रीम की स्टिक, प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, मिठाई के डिब्बे पर लगने वाली पन्नी, निमंत्रण पत्र, सिगरेट पैकेट पर लगा पॉलिथीन, थर्मोकॉल का सजावटी सामान, पीवीसी बैनर व 75 माइक्रॉन तक के पॉलिथीन।
ये होगी जुर्माना राशि
100 ग्राम तक : 500 रुपये
101 से 500 ग्राम तक : 1500 रुपये
501 ग्राम से एक किलोग्राम तक : 3 हजार रुपये
1.1 किलोग्राम से 5 किलोग्राम तक : 10 हजार रुपये
5.1 किलोग्राम से 10 किलोग्राम तक : 20 हजार रुपये
10 किलोग्राम से ज्यादा पर : 25 हजार रुपये
सभी को चालान बुक देने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। अभी तक उन्होंने कोई चालान बुक नहीं दी है।
- सुनील श्योराण, वैज्ञानिक, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड